
सीईओ और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच विवाद, अध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज दोनों ने लगाये अभद्रता के आरोप जिला पंचायत कार्यालय में हुआ था विवाद
डिंडोरी। जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते और सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर अभद्रता के आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत की है। सीईओ की शिकायत पर कोतवाली में जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध धारा 221, 224, 296, और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरे मसले पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी पुलिस से शिकायत की है और धरने पर बैठ गये हैं। जानकारी के मुताबिक एक बगिया माँ के नाम योजना में बरती जा रहीं अनिमितताओं को लेकर बुधवार को सीईओ दिव्यांशु चैधरी ने फोन करके जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते को अपने चेम्बर में आमंत्रित किया था। इसी बीच दोनों के बीच जमकर कहा सुनी हो गई, दोनों ने एक दूसरे पर गाली गलौज के आरोप लगाये हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते के मुताबिक उन्होंने एक बगिया माँ के नाम योजना में बरती जा रहीं गड़बड़ियों को लेकर मंगलवार को स्वसहायता समूह की महिलाओं के साथ कलेक्टर को लिखित शिकायत की थी और सप्लाई किये गये अमानक पौधों को दिखाया भी था। इस बाबद चर्चा हेतु सीईओ दिव्यांशु चैधरी ने उनको कार्यालय बुलाया था। आरोप है कि कथित भ्रष्टाचार को छुपाने सीईओ ने जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ अभद्रता कर डाली। जबकि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने बतलाया कि वह बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में विधिवत शासकीय कर्तव्य निर्वहन कर रहे थे, इसी दौरान समय लगभग 12ः15 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते द्वारा मेरे कक्ष पर उपस्थित होकर जानबूझकर एवं दुर्भावनापूर्ण आशय से निर्माण कार्यों में जल्दी राशि जारी कराने हेतु दबाव बनाने लगे, जबकि मैंने पूर्व में इस संबंध में चर्चा करने हेतु दिनांक 22 दिसंबर 2025 को नियत की है। जिसके बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते को मेरे द्वारा अवगत करा दिया गया था, आरोप है कि इन सब के बावजूद भी जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीईओ के साथ गाली गलौच करके धमकी दी। सीईओ ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि रूदेश परस्ते की इस हरकत को सुनकर कार्यालय के अधीनस्थ कर्मचारी कौशल किशोर धुर्वे, सुधीर कुमार चौरसिया, प्रवीण कुमार गुप्ता, फूलचंद यादव, जीपी चौधरी, भागीरथ प्रसाद यादव, पंचम लाल बरमैया, जगमोहन यादव एवं अन्य लोग भी आ गए तब भी जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते आक्रोशित होकर बदतमीजी और गाली-गलौज करते रहे। सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने इस घटनाक्रम को व्यक्तिगत प्रतिष्ठा धूमिल होना करार दिया है पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए कोतवाली में भी एफआईआर दर्ज कराई है।
अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
पूरे मसले पर जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते ने अपना पक्ष रखते हुए गाली गलौज करने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और अपने दलील की पुष्टि हेतु सीसी टीवी के फुटेज के अवलोकन की मांग की गई है। उन्होंने बगैर सीसीटीवी फुटेज परीक्षण किये ही दर्ज की गई एफआईआर को साजिश करार दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने विरुद्ध दर्ज मामले को आदिवासी नेतृत्व के दमन के रूप में बतलाया है। वहीं जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है उस पर भी उस पर प्रतिक्रिया देते हुए बतलाया कि सीईओ जिला पंचायत के आमंत्रण पर ही कार्यालय पहुंचे थे, ऐसी स्थिति में मामला दर्ज करना गैर संवैधानिक है।
एक दिन पहले जि.पं. अध्यक्ष ने की थी कलेक्टर से शिकायत
गौरतलब है कि एक बगिया मां के नाम योजना में सप्लायर द्वारा प्रदाय किये जा रहे अमानक पौधों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते और समूह की महिलाएं कलेक्टर के समक्ष पहुंची थी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने लिखित शिकायत करते हुये पौधों के साथ अन्य सामग्री सप्लाई में मानदंड और प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद मंगलवार को यह शिकायत विवाद में तब्दील हो गई है।
इनका कहना है
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी के द्वारा लिखित आवेदन किया गया है जिसमें उन्होंने जिला पंचायत के अध्यक्ष रूदेश परस्ते पर अभद्रता करने वा गाली गलौज करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है शिकायत के आधार पर जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है।
वाहनी सिंह पुलिस अधीक्षक