
सेवती डैम बन्दोबस्ती विवाद सुलझा: दोनों आवंटन रद्द, डैम अब सिंचाई विभाग को
पलामू। पलामू जिले के तरहसी प्रखंड स्थित सेवती डैम (Sevati Dam) में मत्स्य पट्टा आवंटन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद मंगलवार को समाप्त हो गया। मत्स्य विभाग में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी कमरू जमां ने डैम की दोनों बन्दोबस्तियों को रद्द करने और डैम का अधिकार सिंचाई विभाग को वापस सौंपने का निर्णय लिया। इस निर्णय पर ग्रामीण और मत्स्य पदाधिकारी के बीच सहमति बनने के बाद विवाद आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया।
ग्रामीणों ने लगाया था भ्रष्टाचार और पक्षपात का गंभीर आरोप
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ग्रामीणों ने मत्स्य विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि अधिकारियों ने पूर्व समिति, 'सेवती जलाशय मत्स्य सहयोग समिति लिमिटेड', के सचिव विनय राम के साथ मिलकर मिलीभगत की और 2022 से 2032 तक वैध समिति को अवैध तरीके से निष्क्रिय घोषित कर दिया।
मुख्य विवाद के बिंदु:
अवैध निष्क्रियता: ग्रामीणों का आरोप था कि पूर्व सचिव द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 का राजस्व जमा न करने को आधार बनाकर, विभाग ने नियम विरुद्ध तरीके से नई समिति का गठन कर पट्टा आवंटित कर दिया।
एकाधिकार की स्थापना: नई गठित समिति में सचिव पर अपने परिवार के छह से सात सदस्यों को शामिल कर एकाधिकार स्थापित करने और एक ही परिवार को बढ़ावा देने का आरोप था।
दबंगई: ग्रामीण लंबे समय से इस भ्रष्टाचार और पक्षपातपूर्ण व्यवस्था का विरोध कर रहे थे, जबकि एक पक्ष दबंगई के बल पर डैम पर अपना अधिकार बनाए हुए था।
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से बनी सहमति
विवाद को शांत करने के लिए कई स्तरों पर आंदोलन किए गए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसमें हस्तक्षेप किया। मंगलवार को हुई बैठक के बाद, मत्स्य पदाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सभी आरोपों की समीक्षा की गई है और दोनों बन्दोबस्तियों को रद्द किया जाएगा।
इस निर्णय से डैम पर मछली पालन का विवाद समाप्त हो गया है, और अब डैम का प्रशासनिक नियंत्रण पुनः सिंचाई विभाग के पास चला जाएगा।
बैठक में कांग्रेस नेता रूद्र शुक्ला, बिलाल मेहता, भोला कुमार, उमेश कुमार, समाज सेवी बीरेंद्र सिंह,धीरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राजेश भारती, विक्रम महतो, अजय शर्मा, अनुज कुमार मेहता समेत अन्य ग्रामीण और नेता मौजूद थे।