
'बंटी-बबली' जोड़ी का पर्दाफाश: 60 लाख की ठगी मामले में महिला सहयोगी गिरफ्तार, खाते में मिले 5.73 करोड़ के ट्रांजेक्शन
बैतूल/सारणी। "पैसा डबल करने का झांसा" और "म्यूचुअल फंड में निवेश"—इन सुनहरे सपनों का जाल बुनकर लोगों की गाढ़ी कमाई ठगने वाले एक बड़े गिरोह का सारणी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में मुख्य आरोपी के महिला सहयोगी, जिसे इस खेल की 'बबली' कहा जा रहा है, को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में मुख्य आरोपी के बैंक खाते से करीब 5 करोड़ 73 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
थाना सारणी में अपराध क्रमांक 651/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(2) के अंतर्गत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों से करीब 60 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारणी पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की।
पुलिस ने विवेचना के दौरान सबसे पहले मुख्य आरोपी कैलाश खाड़े को इंदौर से गिरफ्तार किया। पुलिस की सख्ती के आगे कैलाश टूट गया और उसने अपने नेटवर्क के राज उगलने शुरू कर दिए। उसकी निशानदेही पर पुलिस को उसकी प्रमुख सहयोगी आयुषी धोटे (पिता साहब राव धोटे, निवासी ओल्ड-ई बिजासन मंदिर, सारणी) के बारे में जानकारी मिली।
सारणी पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाया और रविवार 14 दिसंबर 2025 को आरोपी आयुषी को सारणी निवास स्थान गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आयुषी के पास से एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
ठगी का 'डिजिटल' मकड़जाल (Modus Operandi)
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के हैरान करने वाले तरीके का खुलासा किया है। आरोपी लोगों को ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाकर "डबल मुनाफा" देने का झांसा देते थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपी खुद ही 'फर्जी म्यूचुअल फंड पॉलिसी' के दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को थमा देते थे। लोगों से मिले लाखों रुपये ये अपने निजी खातों में डलवाते थे। इसके बाद उन पैसों को ऑनलाइन गेमिंग में उड़ाते थे और अपनी विलासिता (लग्जरी) पर खर्च करते थे।
5 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन, बढ़ सकती है राशि
विवेचना के दौरान जब मुख्य आरोपी कैलाश खाड़े के बैंक खातों को खंगाला गया, तो पुलिस दंग रह गई। खाते में अब तक 05 करोड़ 73 लाख 55 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं। पुलिस का मानना है कि ठगी का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।
धाराओं में हुआ इजाफा
आरोपियों द्वारा कूट रचना (Forgery) कर फर्जी दस्तावेज बनाने और उनका उपयोग करने की बात सामने आने पर पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 338, 336(3) और 340 का इजाफा किया है।
सारणी पुलिस के अनुसार, यह गिरोह काफी शातिर है। गिरफ्तार आयुषी धोटे और कैलाश खाड़े के अलावा ट्रेडिंग के इस खेल में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस अन्य बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जिससे इस नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने आ सके। जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभावित हैं।