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"इंसानियत को बचाना ही मानवाधिकारों की सबसे बड़ी जीत है।" मानवाधिकार सहायता संस्थान भारत - डॉ. रमेश वैष्णव

मानवाअधिकार सहायता संस्थान-भारत का स्थापना दिवस मना
“इंसानियत को बचाना ही मानवाधिकारों की सबसे बड़ी जीत है।” “कोई भी देश तभी विकसित है जब उसके लोग सुरक्षित और सम्मानित हैं।” “अधिकार जन्म से मिलते हैं, उपहार में नहीं।” “मानवता में विश्वास रखना ही सबसे बड़ा साहस है।” डां – रमेश वैष्णव
बिलासपुर —- मानवाधिकार सहायता संस्थान भारत का छत्तीसगढ़ में पांचवा वर्ष हो गया है। जहां संस्था द्वारा जनहित में सामाजिक अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचने का काम कर रहे हैं। आज दस दिसम्बर को इस संस्थान ने अपना स्थापना दिवस अर्पा रिवर व्यू में मनाया गया। जहां पर मानवाधिकार सहायता संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डां रमेश कश्यप एवं प्रदेश अध्यक्ष धरम भार्गव व डॉ रमेश वैष्णव चिकित्सा प्रकोष्ठ तथा जिला अध्यक्ष गोपालु पटेल सहित बड़ी संख्या में उनके कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कश्यप ने कहा कि संस्थान का कार्य सेवा करना है तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचना है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ रमेश वैष्णव चिकित्सा प्रकोष्ठ ने कहा कि मानव सेवा ही परम सेवा है। संस्थान का काम ही इसका धयय है ।ठंड के समय वृद्धा आश्रम में जाकर उन्हें साल वितरण करना। साथ ही बच्चों की देखभाल तथा उन्हें वस्त्र वितरण कर स्थापना दिवस मनाते हैं ।जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकार एवं कर्तव्यों बौद्ध कराकर पहुंचना। मार्गदर्शन देना संस्थान का प्रमुख कार्य होता है ।भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं राष्ट्रगान कर के मानव अधिकार केक काटा गया तथा एक दूसरे का मुंह मीठा कर मिष्ठान वितरण किया गया ।राष्ट्र में 10 वर्ष तथा छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर न्यायधानी के रिवर व्यू में 10 दिसंबर को स्थापना दिवस मनाया गया। उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर विजय कुमार प्रजापति , अजय कुमार रजक ,राकेश साहू, हीरा सोनवानी ,सुरेश कांत ,नरेश कश्यप ,संदीप कुमार, श्रीमती मंजुला पहारी ,डॉ. सुखनंदन, धर्मेंद्र बंजारे, डाॅ. असलम ,डाॅ. जितेंद्र, डाॅ. चेतन , डाॅ. ओम, डाॅ. प्रीतम, राजेश सोनी , लल्ला वैष्णव, सुरेश यादव आदि बड़ी संख्या में मानवाधिकार के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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