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पिता–पुत्र की अनोखी उपलब्धि: मंदौला के हिम्मत सिंह और बेटे हर्ष ने एक साथ CET परीक्षा पास की

▶️ बिना कोचिंग पहले प्रयास में मिली सफलता; पिता पूर्व सैनिक और राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी, बेटा नर्सिंग छात्र।

रेवाड़ी, मंदौला (रेवाड़ी टाइम्स) :
जिले के गांव मंदौला में एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है, जहां पिता हिम्मत सिंह (42) और पुत्र हर्ष (19) ने सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) एक साथ पास कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष महत्व रखती है क्योंकि दोनों ने बिना किसी कोचिंग के, केवल स्वाध्याय के आधार पर पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।

➡️ सेना से सेवा निवृति के बाद भी जारी अनुशासन —
पिता हिम्मत सिंह भारतीय सेना की कोर ऑफ़ EME से रिटायर्ड हैं। सेना के दौरान विकसित हुआ अनुशासन, मेहनत और प्रतिबद्धता उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी में लागू किया बल्कि अपने पुत्र को भी वही संस्कार दिए।
हिम्मत सिंह राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं और वर्तमान में गांव मंदौला में वॉलीबॉल नर्सरी चलाकर ग्रामीण युवाओं को खेल की दिशा दे रहे हैं। गांव के कई युवा उनके मार्गदर्शन में तैयारी कर रहे हैं।

➡️ पुत्र हर्ष की दोहरी चुनौती, दोहरी सफलता —
दूसरी ओर, पुत्र हर्ष, जो फिलहाल श्री राम कॉलेज से बीएससी नर्सिंग कर रहे हैं, ने पढ़ाई और परीक्षा तैयारी के बीच संतुलन बनाते हुए CET में सफलता पाई। बिना कोचिंग के स्वयं पढ़ाई करके परीक्षा पास करना उनके आत्मविश्वास और लगन को दर्शाता है।

➡️ गांव में खुशी और गर्व का माहौल —
पिता-पुत्र की इस संयुक्त सफलता से गांव मंदौला में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि मेहनत और अनुशासन किसी भी उम्र में सफलता दिला सकते हैं।
स्थानीय शिक्षकों और खिलाड़ियों ने हिम्मत सिंह को ‘अनुशासन और परिश्रम की जीवंत मिसाल’ बताते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की।

➡️ मेहनत की जीत, बिना कोचिंग के बड़ी कामयाबी —
CET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में पिता और पुत्र का एक साथ सफल होना दुर्लभ उपलब्धि मानी जा रही है। यह कहानी न केवल परीक्षा की सफलता की है बल्कि उस परिवार की है जो अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा मानता है।

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