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डाॅ. हंसराज कुशवाहा को मिला इनोवेटिव एजूकेशनिस्ट अवार्ड: शिक्षण नवाचार के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में किया गया सम्मानित*


रतन सेन डिग्री कॉलेज, बाँसी, सिद्धार्थनगर के शिक्षक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. हंसराज कुशवाहा को “इनोवेटिव एजूकेशनिस्ट अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें लखनऊ के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में 07 दिसम्बर 2025 को प्रदान किया गया।

यह दो दिवसीय 'पर्यावरण और समाज' विषयक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी ग्लोकल एनवायरनमेंट एंड सोशल एसोसिएशन (जेसा), नई दिल्ली, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, कोलकाता, एन.आर.एल.सी. लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, लखनऊ, द अमेरिकन यूनिवर्सिटी, यू.एस.ए. एवं ई.सी.आर.डी. रिसर्च एंड एजूकेशन काउंसिल, हिसार, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। डॉ. कुशवाहा को यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. ए.के. वर्मा और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा के हाथों 400 से अधिक विद्वानों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की उपस्थिति में मिला।

डॉ. कुशवाहा के दो दर्जन से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों में छप चुके हैं। दो पुस्तकों का सम्पादन एवं पांच पुस्तकों में अध्याय भी लिख चुके हैं। इन्होंने 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रतिभाग किया है। विगत वर्ष लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, लुम्बिनी, नेपाल में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। वह GERA, GESA, AAE-BHU, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, IATE जैसी अकादमिक संस्थानों के आजीवन सदस्य हैं।

डॉ॰ कुशवाहा को इससे पूर्व भी भागीरथ अवार्ड, अन्तर्राष्ट्रीय तथागत विशिष्ट सृजन सम्मान जैसे अवॉर्डों से सम्मानित किया जा चुका है।

रतन सेन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सन्तोष कुमार सिंह सहित समस्त आचार्यों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने डॉ. हंसराज को इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य और शैक्षणिक व पाठ्य-सहगामी गतिविधियों में ईमानदारी से किए गए निष्पादन का प्रतीक है।

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