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मीडियाकर्मी को राशन घटतौली के एवज में जुर्माने के साथ कड़ी चेतावनी, खबर को दबा गया बदायूं का मीडिया।

आर्थिक सांठगांठ कर कोटेदार को क्लीन चिट वर्षों से दे रहे हैं पूर्ति निरीक्षक सहसवान भदेश्वर

राशन दुकान को चलाता है मीडियाकर्मी का परिवार, जांच के बाद 5000 रुपए के जुर्माने के साथ कड़ी चेतावनी दे कर छोड़ा, नहीं की गई निलंबन की कार्यवाही।
Ration card complent शिकायतकर्ता नहीं हैं संतुष्ट दुकान निलंबित कर संचालक पर कार्यवाही की कर रहे हैं मांग।


बदायूं - सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटतौली कमीशनखोरी और अभद्रता से परेशान लगभग दर्जन भर कार्ड धारकों ने शपथ पत्र पर लिखित शिकायत दो माह पूर्व डीएम बदायूं के कार्यालय को सौंपी जोकि दो माह से ठंडे बस्ते में आराम कर रही थी इंतजार की हदों को पार कर चुके समय का बांध टूटने के बाद एक शिकायतकर्ता ने डीएम कार्यालय की इस लापरवाही को मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया तब शिकायत की जांच खानापूर्ति करते हुए आरोपी पूर्ति निरीक्षक भदेश्वर सहसवान को सौंपी जिसमें जांचकर्ता भदेश्वर भी आरोपी है।

मामला जनपद बदायूं की तहसील सहसवान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोल्हाई से सम्बंधित है यहां राशन दुकान प्रस्तावित समय से सन्तोष कुमारी के नाम से चल रही थी जब विवादों में घिरी तो इस दुकान का संचालन जाहरवीर स्वयं सहायता समूह के नाम से किया जाने लगा संचालनकर्ता दबंग और हैकड़ किस्म का परिवार बताया जा रहा है जो कि पूर्व समय से खुरापातों से जुड़ा रहा है इसी कारण गांव के लोग राशन दुकान संचालक के सामने अपना मुंह नहीं खोल पाते हैं यदि किसी ने मुँह खोला तो उसको झूठे आरोपों में फसाने का प्रयास अपने व अपने करीबियों द्वारा कराता है, मीडियाकर्मी जिला अपराध निरोधक कमेटी का सचिव भी बताया जा रहा है सूत्रों का यह भी कहना है कि मीडियाकर्मी जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी होने के नाते सरकारी सम्पत्ति खाद के गढ्ढे, चक मार्ग तथा सरकारी गूल पर भी कब्जा किए हुए है।

घटतौली कमीशनखोरी से तंग आ चुके लोगों ने दस बिन्दुओं पर शिकायत दर्ज करा निष्पक्ष पारदर्शिता में जांच कराने की मांग की थी शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके अनुरोध के अनुसार सही जांच ईमानदार अधिकारी से नहीं करा कर आरोपी अधिकारी से जांच कराई जो गरीबों के राशन की घटतौली करा रहा है हम इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं जांच करने आए पूर्ति निरीक्षक सहसवान भदेश्वर ने एक दिन पहले कोटेदार को बुला कर आर्थिक सांठगांठ कर प्री प्लान से जांच की गई पीड़ितों को सुनने के लिए 20 मिनट का समय दिया और कोटेदार को 2 घण्टे का समय दिया कोटेदार के परिवारिक सदस्य बाइक पर बैठा कर लोगों को डरा धमका कर लाते रहे और कोटेदार के पक्ष में गवाही कराई जाती रही, दस बिन्दुओं की शिकायत में एक बिन्दु पर ही जांच की गई और अपनी मनमानी तरीके से बयान दर्ज कराए ताकि कोटेदार को मदद पहुंचा सकें और ऐसा ही किया गया।


अब कार्ड धारकों ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी है और नियमानुसार टीम गठित कर निष्पक्ष पारदर्शिता में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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