
नवादा खबर: सीतामढ़ी में गुरुवार को लगेगा मलमास मेला, सीता मंदिर में लगेगी श्रद्धालुओं की भीड़..
सीतामढ़ी में गुरुवार से लगेगा मलमास मेला, मां सीता मंदिर में लगेगी श्रद्धालुओं की भीड़
रिपोर्ट : इम्तियाज फोनवेल का खास खबर
बिहार नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर उत्तर सीतामढ़ी में अवस्थित प्रसिद्ध धर्म स्थल सीता मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का प्रतीक है।
मंझवे के समाजसेवी अरबाज ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं एवं किंवदंतियों को समेटे यह प्राचीन मंदिर देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीतामढ़ी धर्मस्थल प्रसिद्ध है। लव कुश का जन्म इस स्थल पर हुआ था। मान्यताओं के अनुसार इसी कारण वश महिलाएं इस गुफा नुमा मंदिर में संतान प्राप्ति के लिए मन्नते मांगती है। मंदिर के कुछ ही निकट चट्टान में कठोनुमा गड्ढे में महिलाएं कपड़े का टुकड़ा चढ़ाते हैं। पौराणिक कथाओं में लव कुश के जन्म के समय इसी कठोतनुमा गड्ढों में सीता कपड़े धोया करती थी। धर्मस्थल के आस पास कई अलग-अलग जाति के ठाकुरवाड़ी एवं अन्य कई मंदिर स्थापित है।
समाजसेवी विपिन चौहान ने बताया कि अगहन पूर्णिमा से इस धर्मस्थल पर मलमास ग्रामीण मलमास मेला लगने का सिलसिला जारी है। इस बार 4 दिसंबर 2025 गुरुवार से मेला का आगाज हो गया है। यह मेला सात दिनों तक रहेगा। सीतामढ़ी मेला का टेंडर 17 . 20 लाख रुपए में हुआ है।
सरकारी के तहत विश्रामगृह पेयजल, स्नान घर, शौचालय बिजली की सुचारू रूप सुविधा रहेगी। इस मेले में देश के दूर-दूर से सर्कस, चिड़ियाघर, मौत का कुआं ,जादूगर, ब्रेक डांस, रेल आसमानी, झूला , हाथी, घोड़ा, होटल ,मीना बाजार, थिएटर आदि आते हैं। दर्शकों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक सप्ताह का मेला काफी रोमांचक बन जाती है ।यहां फर्नीचर के दीवान पलंग खाट, चारपाई का पावा प्रसिद्ध है। सीतामढ़ी थाना मेसकौर थाना नरहट थाना के पुलिस प्रशासन मेले में अलर्ट रहेगा। मेले में किसी तरह का गलत अफवाह फैलाना, गलत मैसेज करना, हुक्दड़ मचाना, महिलाएं लड़कियों को छेड़ने वाले को बक्सा नहीं जाएगा। भोला होटल के संचालक भोला ड्राइवर ,सुरेंद्र राज ने बताया कि
नेशनल हाईवे 82 गया हिसुआ रोड मंझवे के सीतामढ़ी मोड़ पर सीतामढ़ी मेला के दौरान मिनी मेला सा देखने को मिलता है। मेले के दौरान मोड़ पर काफी चहल-पहल देखा जाता है।