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पलिया नगर पालिका द्वारा एकदम नई तकनीक से कराया गया नाले का निर्माण



02.12.2025
अधिकांश लोगों को निर्माण कार्यों की एबीसीडी नहीं आती है, लेकिन पलिया में नगर पालिका प्रशासन से लेकर इंजीनियर और ठेकेदारों तक में गजब का टैलेंट है भाई। इसका अनुमान पलिया नगर के मोहल्ला बरबंडा में बने इस नाले को देखकर बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है। इस नाले का निर्माण बहुत ही अच्छे ढ़ग और नई तकनीक से कराया गया है। वास्तव में पालिका प्रशासन से लेकर इंजीनियर और ठेकेदार तक स्वर्ण पदक का सम्मान पाने के पात्र हैं। सही मायनों में नाला ऐसा ही बनना चाहिए, ताकि कोई सड़क से गुजरे तो आसपास के लोग उसे देख न पाएं। इसीलिए ये नाला सड़क से काफी‌ ऊंचा बनाया गया है। इसके अलावा एकदम सांप की तरह लहराता हुआ ये नाला निकाला गया है, जो देखने में वास्तव में बहुत सुंदर लग रहा है भाई। शायद ऐसा नाला आप‌ लोगों ने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। आप लोग सोचे होंगे कि मैं तारीफ कर रहा हूं। अरे भाई लोगों की जिन्दगी नर्क हो गयी है नर्क, इसलिए मुझे ये तंज कसना पड़ रहा है नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों पर, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। नीचे से लेकर ऊपर तक सारा सिस्टम सोया हुआ है। सोचिए कि जब बरसात होगी तो इस सड़क का पानी कहां जाएगा। नाले की ऊंचाई इतनी है कि सड़क पर कमर तक पानी भर जाएगा, तब भी नाले तक नहीं पहुंचेगा। और तो और नाले के नीचे से भी पानी का रिसाव हो रहा है, इतनी कमजोर इसकी नींव है। सबसे अलौकिक बात ये है कि अन्त में इस नाले को बन्द कर दिया गया। इससे ये समझ नहीं आता कि नाले में जाने वाला पानी आखिर जाएगा तो जाएगा कहां। किस उद्देश्य से ये नाला बनाया गया है और किस इंजीनियर ने इसमें इतना जबर्दस्त दिमाग लगा दिया। सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि आखिर इस निर्माण का भुगतान कैसे कर दिया गया ? मोहल्ले के लोग कुछ बोलने को भी तैयार नहीं, क्योंकि उन्हें पहले ही इतना भय दिखा दिया गया कि उनकी कुछ भी बोलने की हिम्मत ही नहीं हो रही। फिलहाल जब मोहल्ले वालों से बात की गयी तो दबी जुबान से कुछ लोगों ने बताया कि निर्माण के समय उन लोगों ने जिम्मेदारों को अवगत कराया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सब अपने-अपने मन की करते रहे और मोहल्ले वाले देखते रहे। नाले का निर्माण पूरा करा दिया गया, लेकिन नाममात्र को भी मिट्टी नहीं डाली गयी। एक और सबसे अहम समस्या सामने आई। वो ये है कि आसपास के खेतों में होने वाली फसल को किसान किस तरह से बाहर लाएंगे, इसका कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। इसको लेकर किसान भी काफी परेशान हैं। कुछेक लोगों का ये भी कहना है कि नाले का निर्माण किसानों के खेतों में बढ़ाकर कराया गया है। शायद लोगों ने विरोध इसीलिए नहीं किया कि कहीं सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मुकदमा न दर्ज हो जाए। अब तो नगरवासियों में इस बात का भी डर बैठ चुका है। नगरवासियों ने आवाज उठाई है कि इसकी गहनता से जांच कराई जाए और जिम्मेदारों के‌ विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी‌ इस नाले की जांच कराकर कोई कार्रवाई करते हैं या फिर नगरवासियों को इसी तरह से नर्क में जीवनयापन करने को विवश होना पड़ता है।

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