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पुलिस महानिदेशक आलोक राज के गजल पर झूमे श्रोता



हाजीपुर। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेले में प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक सह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक आलोक राज ने जब गजल पर अपनी तान छेड़ी तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने पहली गजल - खामोश लव हैं झुकी हैं पलकें अभी तो उल्फत नई-नई हैं की प्रस्तुति दी। श्री राज ने दूर जाकर न कोई पुकारा करें…, एक जंगल है तेरी आंखों में उसमें मैं डूब जाता हूं…, आहट सी कोई आये तो लगता है कि तुम हो अभी तो तेरी बालि उमरिया जैसी कई अन्य गजलों की प्रस्तुति दी। इस दौरान प्रत्येक गजल पर लोग वाह-वाह करते रहे। लगभग एक घंटे के कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र गजल की गूंज में डूबता – उतराता रहा। इस दौरान मंच संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी और एंकर विट्ठल नाथ सूर्य ने किया। मंच पर अगली प्रस्तुति प्रवाल रंजन ने दी। उनका गायन सुन पर श्रोता वाह-वाह कर उठे। श्री रंजन ने सा-रे-ग-म-प, रंग पुरवइया को प्रस्तुत किया। इनके साथ की-बोर्ड पर लोको ऋषव, औक्टो पैड पर आकाश कुमार, तबला पर नीरज कुमार, ढोलक पर राघवेन्द्र राव, बैंजों पर गौतम कुमार, शहनाई पर बालेश्वर राम ने संगत की। कलाकारों को हरिहर नाथ स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । मोहम्मद अख्तर और टीम के द्वारा शहनाई वादन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। संगत कलाकारों में
पजातन, नाजिश अली, तबले पर नूर आलम, कृष्णा राम नाल पर ,हारमोनियम पर मोहम्मद नजीर, राग मधुवंती, दादरा बनारसी कजरी, शहनाई से भजन की प्रस्तुति हुई। अगली प्रस्तुति विनीता देवी और टीम के कलाकारों द्वारा शिव भजन, झूमर लोकगीत आदि की प्रस्तुति हुई ।संगत कलाकारों में बैंजो पर रंजीत कुमार, नाल पर सतीश शर्मा ,हारमोनियम पर रामानंद शर्मा ,इफेक्ट पर पप्पू शर्मा आदि रहे तो सीमा कुमारी पटना की भीप्रस्तुति हुई।

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