logo

Jagdalpur। शराब के नशे में पाए गए प्रधानाध्यापक स्वतंत्र अवस्थी निलंबित

जगदलपुर। बस्तर जिले में निर्वाचन कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर बलीराम बघेल ने कड़े कदम उठाते हुए प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला खामेश्वरीपारा, राजनगर (विकासखण्ड बकावण्ड) स्वतंत्र अवस्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।यह कार्रवाई मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) में लापरवाही, साथ ही निरीक्षण के दौरान एसडीएम बकावण्ड से अभद्र व्यवहार और शराब के नशे में पाए जाने के गंभीर आरोपों पर की गई है।

जारी निलंबन आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) बकावण्ड ने आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पाया कि बीएलओ (BLO) के रूप में नियुक्त प्रधानाध्यापक स्वतंत्र अवस्थी न केवल मतदाता सूची डिजिटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाह हैं, बल्कि निरीक्षण स्थल पर शराब के नशे में उपस्थित थे। जब एसडीएम ने कार्य की प्रगति और दस्तावेजों की जांच की, तो स्वतंत्र अवस्थी ने अभद्र व्यवहार किया और निर्देशों की अवहेलना की। घटना की पुष्टि के लिए स्वतंत्र अवस्थी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उनके शराब सेवन की पुष्टि हुई। इस गंभीर अनुशासनहीनता तथा लोक सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि उनके कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और निर्वाचन कार्य से जुड़े निर्देशों का घोर उल्लंघन हैं।

निलंबन के बाद स्वतंत्र अवस्थी की पदस्थापना बदलकर मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, विकासखण्ड दरभा कर दी गई है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) प्राप्त होगा। बताया जा रहा है कि निर्वाचन कार्य के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण सतर्कता और अनुशासन के साथ उपस्थित रहने के निर्देश हैं, लेकिन स्वतंत्र अवस्थी द्वारा शराब के नशे में ड्यूटी करना न केवल चुनावी प्रक्रिया में बाधा था बल्कि एक सरकारी कर्मचारी के आचरण के खिलाफ भी।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार फील्ड निरीक्षण कर रहा है। ऐसे में बीएलओ के स्तर पर मिली लापरवाही को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी कारण त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक पर निलंबन लागू किया गया है ताकि अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के लिए भी यह एक कड़ा संदेश बने।

2
379 views