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मनरेगा में अव्यवस्थाओं को लेकर सरपंचों की कड़ी नाराज़गी, विधायक ओमकार मरकाम बोले—समस्याएँ नहीं सुनी गईं तो जिला मुख्यालय में होगा बड़ा आंदोलन

डिंडोरी – जिले में मनरेगा योजना की धीमी रफ्तार और मजदूरों की लगातार बढ़ती परेशानियों को लेकर रविवार को रेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधायक ओमकार मरकाम ने की, जिसमें जिले भर के सरपंच बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बैठक के दौरान सरपंचों ने बताया कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 100 दिनों का पूरा रोजगार नहीं मिल रहा, मजदूरी भुगतान लंबे समय तक अटका रहता है, और निर्माण कार्यों में लगने वाली सामग्री की राशि हमेशा देरी से मिलती है। इसके कारण हर वर्ष कई करोड़ रुपये लेप्स हो जाते हैं, जिसका सीधा नुकसान जिले के हजारों मजदूर परिवारों को उठाना पड़ता है।

विधायक ओमकार मरकाम ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसके सही ढंग से लागू न होने से लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन–प्रशासन द्वारा इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया जाता तो जिला कांग्रेस कमेटी और सरपंच मिलकर जिला मुख्यालय में विशाल आंदोलन करेंगे।

बैठक में यह भी बताया गया कि काम न मिलने और समय पर भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं, जबकि योजना का उद्देश्य यही था कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

सरपंचों ने प्रशासन से मांग की कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू किया जाए, रोजगार दिवस बढ़ाए जाएं और लंबित सामग्री की राशि त्वरित जारी की जाए, ताकि गरीब मजदूर परिवारों को राहत मिल सके।

बैठक में सभी ने एकमत होकर निर्णय लिया कि अब मनरेगा की समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा और मजदूरों के अधिकारों के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष जारी रहेगा।

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