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ग्राम धायपुरा में शंकर जी मंदिर के पास लगा विद्युत ट्रांसफार्मर खराब व पंचमपुरा फीडर पर टंगा शट-डाउन का बोर्ड

मऊरानीपुर। ग्राम धायपुरा में सड़क किनारे लगा विद्युत ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से आसपास अंधेरा पसरा, ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने की लगाई गुहार, पंचमपुरा फीडर से जुड़े एक दर्जन ग्रामों के उपभोक्ताओं को निर्धारित बिजली दिन व रात में नहीं मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा, निगम के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। 33 / 11 उप केन्द्र भण्डरा के ग्राम धायपुरा में सड़क मार्ग पर स्थित शंकर जी के मंदिर के पास लगा 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने से विद्युत आपूर्ति बाधित, लोगों के दैनिक कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गये है। बिजली गुल होने से खेतों की सिंचाई, घरेलू कामकाज, पानी की व्यवस्था सहित छात्रों की पढ़ाई पर भी इसका बूरा असर पड़ रहा है। गयादीन यादव, पूरन सिंह, घनेन्द्र यादव, दद्दू यादव, रोहित रावत, सुरेशचंद्र गुप्ता, पिंटू यादव, राजू श्रीवास, चंद्रभान श्रीवास, मुन्ना श्रीवास आदि ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से नया ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की है।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत खिलारा, पठा, ढ़करवारा, फूलपूरा, हरपुरा, पंचमपुरा, चुरारा, मथूपूरा, कैमाई के उपभोक्ताओं ने बताया कि विद्युत उप केन्द्र से संबंधित पंचमपुरा फीडर पर इन दिनों सबसे ज्यादा ओवरलोड बिजली विभाग के द्वारा बढ़ा देने से क्षेत्रवासियों को दिन तथा रात्रि में नियमित लाइट मिल नही मिल पा रही है। जिसमें किसाने के खेतों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने के अलावा ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामकाज ठप्प से पड़ गये है। संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है खिलारा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को दिन तथा रात्रि भर विद्युत ट्रिप मारती रही है जिससे बिजली का उपकरण चालू करने से पहले बंद हो जाता है। अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी, जूनियर इंजीनियर को अवगत कराने के लिए उपभोक्ताओं का अधिकारी मोबाइल रिसीव नहीं करते है। जिससे क्षेत्रवासियों का विभाग के प्रति जन आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। किसानों का कहना है कि समय रहते पंचमपुरा फीडर के गांवों की बिजली व्यवस्था को सामान्य नहीं किया गया तो विद्युत निगम के खिलाफ आंदोलन व धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। मजे की बात यह है कि विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों के द्वारा तैनात ऑपरेटरों पर जबरन दबाव बनाकर 18 से 19 घंटे विद्युत सप्लाई की लौकसीट दर्ज कराई जा रही है।

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