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अपार जनसमूह उमड़ रहा बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में

मेहनत, समर्पण, पुरुषार्थ करेगी पीढ़ियों की रक्षा: पं. धीरेंद्र शास्त्री
अपार जनसमूह उमड़ रहा बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में
फरीदाबाद। सभी सनातनियों को एक करने के लिए 7 नवंबर से निकली पदयात्रा में हर रोज लोगों का जुड़ाव बढ़ता जा रहा है। देश-विदेश के लाखों लोग यात्रा से जुड़ रहे हैं। यात्रा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी पदयात्रियों का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और पुरुषार्थ आने वाली पीढियों को संकट से बचाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी कुचक्रों में न फंसे, विधर्मियों की साजिशों का शिकार न हो इसलिए यह पदयात्रा निकालकर उन्हें जगा कर सनातन से जोड़ रहे हैं। महाराज जी ने कहा कि जिस तरह से भारतीय सेना वेतन के लिए नहीं वतन के लिए कार्य करती है उसी प्रकार हम कष्ट सहकर यात्रा में बने रहे । महाराज श्री ने कहा कि जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है वैसे ही ठाकुर जी नजदीक आ रहे हैं। राम जी का मिलन त्रेता, श्याम जी का मिलन द्वापर और हनुमान जी का मिलन कलयुग में हो रहा है।
महाराज बने पद यात्रियों के डॉक्टर
पदयात्रा में भीड़ अधिक होने के कारण अक्सर एक दूसरे के ऊपर पैर रख जाते हैं जिससे लोग चोटिल हो जाते हैं। कई बार चलते वक्त पैरों में चभीट लग जाती है लेकिन जैसे ही बागेश्वर महाराज को इसकी खबर लगती हैं वह स्वयं अपने हाथ से घायलों के घाव पर मरहम लगाने बैठ जाते हैं। महाराज श्री के इस भाव को देखकर पदयात्री शब्दहीन हो जाते हैं। छतरपुर जिले के ही भगवंतपुरा का रहने वाला करन कुशवाहा चोटिल हो गया था। महाराज श्री ने तुरंत उसके पैर के अंगूठे को रुई से साफ किया और दवा लगाकर पट्टी बांधी इसके अलावा अन्य घायलों के न सिर्फ घाव पर मरहम लगाया बल्कि उनकी आंतरिक पीड़ा भी दूर कर दी। घायल पदयात्रियों को ऐसा लगा मानो सचमुच बालाजी उनकी चिंता हरने आ गए हैं।
कलियुग के श्रवण कुमार बने बदायूं के दो भाई
त्रेता युग में मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार ने कावड़ में अपने दिव्यांग माता-पिता को बैठाकर संपूर्ण तीर्थ का भ्रमण कराया था। कलियुग के श्रवण कुमार बने बदायूं के तेजपाल और उसके भाई धीरज ने बताया कि उनकी माता राजेश्वरी देवी पैरों से चल नहीं सकती लेकिन उसके मन में इच्छा थी कि वह बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में शामिल हो। राजेश्वरी देवी ने अपने बेटों से कहा कि एक गाड़ी कर दो ताकि वह यात्रा में जा सके लेकिन मां की इच्छा पूरी करने के लिए दोनों भाई श्रवण कुमार बन गए। उन्होंने मां को भरोसा दिलाया कि हर हाल में बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में वे अपनी मां को शामिल करेंगे। दोनों बेटों ने कावड़ में बैठाकर अपनी मां को पूर्व में चारों धाम की यात्रा भी कराई है। महाराज श्री को जब इन दोनों माता भक्त पुत्रों के बारे में जानकारी मिली उन्होंने अपने सेवादारों को आदेशित किया कि जहां भी हो उस देवी और उसके दोनों बेटों को उन तक पहुंचाएं।
10 साल का रूद्र दंड भरकर जा रहा यात्रा में
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के ग्राम खुर्जा का रहने वाला 10 साल का रूद्र दंड भरता हुआ सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में जा रहा है। रुद्र के पिता ने बताया कि जब उसका बालक साढ़े तीन साल का था तभी से वह दंड की प्रैक्टिस कर रहा है। रुद्र लगातार दंड भरता रहता है। बालक महाराज श्री के सामने दंड भरता हुआ काफी दूर तक यात्रा में चला। महाराज श्री ने उसका उत्साह बढ़ाया और उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
5 साल से विमल ने नहीं कटवाए बाल, महाराज से मिलने का लिया था संकल्प
पदयात्रा में ऐसे अनोखे संवाद सामने आ रहे हैं जिससे यह ज्ञात होता है कि बागेश्वर महाराज की एक झलक पाने के लिए लोग किस तरह से व्याकुल है और वे कैसे- कैसे संकल्प ले बैठते हैं। मेरठ के रहने वाले विमल शर्मा ने जब महाराज श्री से भेंट की तो उसने महाराज श्री को बताया कि वह पिछले 5 वर्षों से उनसे मिलने के लिए तड़प रहा था। कई बार बागेश्वर धाम जाने के बाद भी दर्शन नहीं हो सके। विमल शर्मा ने संकल्प लिया था कि जब तक महाराज श्री से उसकी भेंट नहीं होती तब तक वह अपने बाल नहीं कटवायेगा। 5 वर्ष के बाद उसका यह संकल्प आखिरकार पदयात्रा में पूरा हो गया।
पदयात्रा में कदम से कदम मिलाने आए क्रिकेटर शिखर धवन, उमेश यादव, रेसलर खली
बागेश्वर महाराज यह पदयात्रा सभी सनातनी प्रेमियों के लिए कर रहे हैं इसलिए सनातन पर अटूट आस्था रखने वाले लोग समय मिलते ही यात्रा से जुड़ जाते हैं। दूसरे दिन की यात्रा में भारतीय क्रिकेट टीम के जाने-माने स्टार बल्लेबाज शिखर धवन शामिल हुए। महाराज श्री का आशीर्वाद लेते हुए शिखर धवन ने यात्रा का पुरजोर स्वागत किया और उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सभी लोग यात्रा से जुड़कर एक नया संदेश दें। यात्रा में ही जाने-माने क्रिकेट खिलाड़ी उमेश यादव ने महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। अपने जमाने के प्रख्यात रेसलर बड़े से बड़े पहलवानों को धूल चटाने वाले महाबली खली ने भी महाराज श्री की यात्रा से जुड़कर समर्थन करते हुए उनका आशीर्वाद लिया।
महाराज श्री से मिलते ही सेल्फी लेने लगे सनातनी
यात्रा के बीच में महाराज श्री सनातन प्रेमियों को बुलाकर उनका हाल-चाल जानते हैं और उनसे पूछते हैं क्या भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने में वह अपना सहयोग देंगे। महाराज से मिलकर भाव विभोर होने वाले सनातन प्रेमी हर तरह से सनातन के लिए कार्य करने का आश्वासन देते हैं लेकिन मौका मिलते ही महाराज श्री के साथ हुई भेंट को वह अपने मोबाइल में कैद करना नहीं भूलते। नेपाल की 70 साल की महिला ईसुरी देवी महतो ने कहा कि उनकी उम्र भले ही ज्यादा हो गई लेकिन सनातन के लिए जोश अभी भी बरकरार है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में नेपाल हिंदू राष्ट्र था लेकिन एक षड्यंत्र के तहत हिंदू राष्ट्र खत्म कर दिया गया। नेपाल का एक-एक बच्चा फिर से अपने राष्ट्र को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए आतुर दिख रहा है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर ने लिया महाराज श्री का आशीर्वाद
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने ही प्रदेश से निकल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होकर महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। उन्होंने महाराज श्री से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा भी की। वैसे तो महाराज श्री राजनेताओं से दूर रहते हैं लेकिन जब कोई राजनेता आशीर्वाद लेने आता है तो महाराज श्री उसे तुरंत आशीर्वाद दे कर उसकी कुशल जरूर पूछते हैं। श्री खट्टर ने पदयात्रा में शामिल होकर इसका समर्थन किया।

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