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भाजपा हटाओ, देश बचाओ।

जो संविधान की बात करेगा, जनता उसके साथ रहेगा।अगर रोकनी है बर्बादी, भाजपा को करो विदाई।जो पंथ निरपेक्ष की बात करेगा, जनता उसके साथ चलेगा। हिन्दू ;मुस्लिम ;सिख ;ईसाई,आपस में सब भाई-भाई।जो उच्च नीच की बात करेगा, जनता उसके साथ न होगा।जो मनुस्मृति की बात करेगा, संविधान को खाक करेगा। जो वादा को अमल न लावे , ओ देश को कैसे बढ़ाएं।जो लोकतंत्रात्मक को अमल में न लावे,ओ भारत को विश्व गुरु कैसे बनाएं।
जो सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय को अमल में न लावे, लोकतंत्रात्मक गणराज्य कैसे कहलावे।जो न्यायधीश को सुरक्षा न दिलावे,हम भारत के लोग कैसे कहलावे।जो संविधान निर्माता पर उंगली उठाते। संविधान से देश कैसे चलाएं। जो झूठ को सत्य और सत्य को झूठ बोलबाते।उसपर कोई अंकुश न लगवाते।जो पांच किलो से विकास को आंके।अच्छी शिक्षा कैसे दे पावें। जो हिन्दू मुस्लिम का घृणा भड़कावे, अनेकता में एकता कैसे कर पावें। नौकर होकर राजा कहलावे, कैसे जनता से पेंशन पावें। नेता पेंशन, कर्मचारी पेंशन में भेदभाव करें, राजतंत्र का मोडल बनबावे। धन्य है भारत महान। जिसे करूं सौ सौ प्रणाम। पाखंडी हिन्दू ,कुत्ते बिल्ली से करते हैं प्यार। पर पिछड़े को घृणा से देते हैं दुत्कार। ऐसे ही समय में आएं प्रभु ,भीम राव बनकर। सभी वर्गों में समानता लायें ।संविधान को रचकर। इस समानता का भी अधिकार, भाजपा से छिने जाते हैं। दलित पिछड़े नेता भी छिनने में फर्ज निभाते हैं। मूलनिवासी नेता भी कुर्सी के लोभ में, आगे पीछे करके हां में हां मिलाते हैं। हे संविधान निर्माता, दीनबंधु। सौ सौ बार शीष नबाते हैं। फिर भारत में जन्म लेवें साहब। तब संविधान सुरक्षित रह पाएगा। नारी को समानता अधिकार दिया। लेकिन सुरक्षा नहीं हो पाया है
जागेश्वर मोची मधुबनी संवाददाता।

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