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जेल में बन्द व्यक्तियों से मिलने के नियम।

जेल में दो प्रकार से लोग बन्द हैं एक जिन पर आरोप साबित हो गया है दूसरा वो जिन्हें गिरफ्तार किया गया है पर जिनके खिलाफ चालान (charge sheet) प्रस्तुत नहीं की गयी है ।

इनसे मिलने आप जेल जा सकते हैं। एक सप्ताह में दो बार मिलने जा सकते हैं । सुबह करीब 8 बजे से 1 बजे तक का समय होता है। मिलने के लिए प्रथम बार आपको फार्म भरना होता है और अपने पहचान का कोई एक कागज आधार कार्ड या वोटर आई या लाइसेंस लगाना होता है। हर बार अपने पहचान के कागज की फोटोकॉपी आपको देनी होती है वहां।

मिलने के लिए एक तरफ जगह बनी होती है इस गेलरी के एक तरफ से आप जाते हैं दूसरी तरह जेल में बन्द व्यक्ति आता है बीच में कांच की दीवार होती है और लोहे की जाली होती है। हर केदी के आगे एक फोन होता है। बाहर आपके लिए फोन होता है। बातचीत का समय शुरू होने पर ये कनेक्शन शुरू होता है। समय खत्म होने पर कनेक्शन बन्द हो जाता है। ये समय 15 मिनट का तो होता ही है।

पर कुछ मामलों में ये 5 मिनट से भी कम हो जाता है जब प्रशासन नहीं चाहेगा कि आप अपने परिवार के सदस्य से बात भी कर पाये।

दूसरा तरीका -- जेल में फोन लगै होते हैं । वो नम्बर आपको दिये जाते हैं कि घर बैठे अपने परिवार के सदस्य से बात कर सकते हैं ।
जेल मेन्यूअल में कहीं लिखा नहीं मिला कि कितनी बार कर सकते हो , पर आपसे कहा जायेगा कि आप एक हफ्ते में दो बार बात कर सकते हो।
एक वार्ड में बहुत से कैदी होते हैं फोन एक। ऐसे में कौन बात कर पायेगा और कौन नहीं। ये कहना बहुत मुश्किल है। बहुत बार परिवार फोन मिलाता रह जाता है पर पूरे महीने बात नहीं होती परिवार के सदस्य से।

3- वीडियो कान्फ्रेंसिंग-- eprisons website पर एक लिंक होता है emulakat

इमुलाकात के लिए आप फार्म भरते हो अपना और जेल में बन्द व्यक्ति का ब्यौरा भरते हो । आपको ईमेल और मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आता है जब आप ओटीपी भरते हो तो ईमुलाकात का एक नम्बर आपको मिलता है।

सुबह 10:30 से 1:00 बजे तक ईमुलाकात का समय होता है। 10:30 पर आपको ईमेल आता है जिसमें ईरूम( video calling) का लिंक मिलता है। समय बताया जाता है । और एक OTP मिलता है । नियत समय पर लिंक पर क्लिक करके आप ईरूम में जुड़ते हैं और परिवार का सदस्य जेल से आपसे बात कर पाता है।

समस्या - emulakat link - eprisons website - देर रात और सुबह जल्दी ये लिंक काम करता है । दिन में ये लिंक काम ही नहीं करता है।

मेन्यूअल में कहीं भी नहीं लिखा कि आप कितनी बार वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर सकते हैं। इसमें जरूरत के आधार पर बात करने की बात कही गयी है पर इसे एक महीने में , एक
बार पर सीमित कर दिया गया है।

जब एक राज्य का व्यक्ति दूसरे राज्य की जेल में बन्द होता है तो कानूनी कार्यवाही-- जमानत पर रिहा के लिए आवेदन करने के लिए आपको कई बार बात करनी होती है पर आपके रास्ते रोक दिये जायेंगे और आपको बात नहीं करने दी जाएगी। आप पूर्णतः वकील पर निर्भर होकर रह जाते हैं कि वो जेल जाकर आपके परिवार के सदस्य से मिलकर सारी कार्यवाही सही तौर पर कर रहा है।

ये व्यवस्था होनी बहुत जरूरी है कि यदि कानूनी कार्यवाही के लिए परिवार को रोज बात करनी पड़ती है तो करने दी जाये । वकील इतनी ज्यादा फीस लेते हैं ऐसे में व्यक्ति का पक्ष सही रखा जा रहा है या नहीं , इसके लिए परिवार के सदस्य से जरूरत होने पर बात करानी चाहिए ।

जेल में बन्द व्यक्ति का परिवार के सदस्य से संवाद हो व्यवस्था है पर इसमें और सुधार की जरूरत हैं । खास तौर से यदि व्यक्ति दूसरे राज्य का है।

परिवार के सदस्यों को जेल से कोई कागज भी नहीं मिलता कि उनका सदस्य इस कारण से इस जेल में बन्द है।
https://eprisons.nic.in/NPIP/public/MyVisitRegistration

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