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शिक्षा पर गरजेगा छात्र समुदाय: 6 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'जन आक्रोश महारैली' का ऐलान

नई दिल्ली: भारतीय विद्यार्थी मोर्चा (BVM) ने शिक्षा प्रणाली से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने आगामी 6 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक राष्ट्रव्यापी 'जन आक्रोश महारैली' का आयोजन करने की घोषणा की है। इस विशाल प्रदर्शन का उद्देश्य देश भर में बंद हो रहे स्कूलों, शिक्षा के निजीकरण, बेरोजगारी और परीक्षा में धांधली जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

रैली के मुख्य मुद्दे और मांगें
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रैली के मुख्य मुद्दों को सूचीबद्ध किया है। संगठन का आरोप है कि सरकार की नीतियां शिक्षा को आम छात्रों की पहुँच से दूर कर रही हैं। रैली की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

स्कूलों के बंद होने का विरोध: देश भर में लगभग 70,000 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने या दूसरे स्कूलों में विलय करने की सरकारी नीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा। संगठन का मानना है कि इससे ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के छात्रों की शिक्षा पर सबसे बुरा असर पड़ेगा।

शिक्षा का निजीकरण: मोर्चा ने शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और व्यवसायीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है और यह महंगी होती जा रही है।

रोजगार और परीक्षा में धांधली: युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी प्रणाली बनाने की मांग की जाएगी।

नई शिक्षा नीति की मांग: संगठन ने मौजूदा शिक्षा नीति को छात्र-विरोधी बताते हुए इसे रद्द करने और सभी हितधारकों से चर्चा के बाद एक नई, लोकतांत्रिक और वैज्ञानिक शिक्षा नीति लागू करने की मांग की है।

छात्र संघों और सुविधाओं की बहाली: देश भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों की तत्काल बहाली, रोकी गई छात्रवृत्तियों को फिर से शुरू करने और छात्रों के लिए पर्याप्त छात्रावासों की व्यवस्था करने की भी मांग की जाएगी।

छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, "यह केवल छात्रों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। सरकार की नीतियां शिक्षा के मौलिक अधिकार को छीन रही हैं। हम चुप नहीं बैठ सकते।" उन्होंने देश भर के सभी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस 'जन आक्रोश महारैली' में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा और इसका एकमात्र लक्ष्य शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार पर दबाव बनाना है।

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