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रेवली देवली स्कूल विवाद मामले में गुर्जर समाज उतरा सड़को पर, निष्कासित छात्रों की वापसी और FIR रद्द करने की मांग केंट थाने में दिया ज्ञापन,



नीमच। सिटी थाना क्षेत्र के रेवली देवली में शासकीय स्कूल के छात्रों के बीच हुए एक मामूली विवाद ने अब एक बड़ा सामाजिक रूप ले लिया था। यह विवाद तब गरमा गया जब एक घायल छात्र के समर्थन में पिपलिया नाथावत और रेवली देवली के ग्रामीणों ने सड़क जाम किया, जिसके बाद झालरी मेल्की गांव के सात बच्चों को निलंबित कर दिया गया और दो स्कूली छात्रों पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई। इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में गुर्जर समाज लामबंद होकर सड़कों पर उतर आया। समाज के लोगों ने पहले नीमच सिटी थाने पहुँचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा, फिर वाहन रैली के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और वहीं धरना दिया। गुर्जर समाज की मुख्य मांगें थीं कि सभी निष्कासित बच्चों का प्रवेश तत्काल बहाल किया जाए और गलत एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाए। समाज का तर्क था कि घटना वाले दिन दोनों पक्षों के अभिभावकों ने आपस में सुलह कर बच्चों को समझा दिया था, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ा और एकतरफा कार्रवाई करवाई। समाज ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि बच्चों को जान से मारने और ट्रैक्टर से कुचलने की धमकी दी जा रही है। समाज ने यह चेतावनी भी दी थी कि जब तक बच्चों को वापस स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाता, तब तक झालरी गाँव के कक्षा पहली से कॉलेज तक के सभी छात्र स्कूल का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही, समाज ने रेवली देवली के प्राचार्य के स्थानांतरण को रोकने और गाँव झालरी में हाई सेकेंडरी स्कूल की मांग को पूरा करने की भी मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्ट्रेट परिसर में एसडीएम संजीव साहू द्वारा समाजजनों से चर्चा की गई। चर्चा के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल पाँच बच्चों को बहाल कर दिया। बाकी दो बच्चों पर एफआईआर दर्ज होने के कारण, उनके मामले में जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। इस आश्वासन के बाद, गुर्जर समाज ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

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