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गोड्डा मदरसा कांड: छात्रा की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

मदरसे में छात्रा की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: पिता ने लगाया हत्या का आरोप, मंत्री ने की निष्पक्ष जांच की मांग
🔴 गोड्डा जिले के महागामा स्थित मदरसे में बिहार की छात्रा का शव फंदे से लटका मिला।

गोड्डा (महागामा)। झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र के कस्बा गांव स्थित उम्मूल मोमिन जामिया आयशा लिल बनात मदरसे में सोमवार देर रात एक छात्रा की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली छात्रा का शव मदरसे में फंदे से लटकता मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मदरसे में रह रही सभी छात्राएं अपने घर लौट गईं।

🔴 पिता ने लगाया हत्या का आरोप – कहा, "मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती

मृतका की पहचान भागलपुर जिले के सनोखर गांव निवासी मोहम्मद तैय्यब की पुत्री के रूप में हुई है। छात्रा महज 15 दिन पहले ही मदरसे के हॉस्टल में रहने आई थी। स्वजन का आरोप है कि उनकी बच्ची आत्महत्या नहीं कर सकती। पिता मोहम्मद तैय्यब ने साफ कहा कि “मदरसे में मेरी बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ, विरोध करने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई है।”

परिजनों का कहना है कि घटना से तकरीबन सात दिन पहले ही बच्ची ने फोन पर शिकायत की थी कि मदरसे में मामूली सी बात पर भी सख्ती बरती जाती है और किसी को बोलने तक की अनुमति नहीं दी जाती।

🔴 घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, हालांकि पुलिस इसकी सत्यता की जांच कर रही है। मौके पर पहुंचे महागामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिजनों के आरोपों को देखते हुए हर बिंदु पर गहन जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम दुमका में कराने का आदेश

छात्रा का शव पहले गोड्डा सदर अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम की तैयारी की गई थी। लेकिन अचानक आदेश बदलते हुए शव को दुमका स्थित फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सूत्रों के अनुसार यह निर्णय फॉरेंसिक जांच और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया।

🔴 ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

घटना की सूचना मिलते ही झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बयान जारी कर कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। “बच्ची की मौत की जांच निष्पक्ष और त्वरित तरीके से होनी चाहिए तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।”

🔴 मदरसे के संचालन पर उठे सवाल

घटना के बाद मदरसे के संचालन पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। पूर्व जिप सदस्य बीबी निशात जिया ने कहा कि जब मदरसे में सैकड़ों बच्चियां पढ़ रही हैं, तो उसका संचालन पुरुषों के हाथ में होना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि मदरसे में पांच पुरुष शिक्षक कार्यरत हैं, जो एक तरह से छात्राओं की सुरक्षा और भविष्य को लेकर संदेह पैदा करता है। बीबी निशात जिया ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच हो, ताकि अन्य बच्चियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

🔴इलाके में तनाव, ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मदरसे के बाहर जुट गए। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, लोगों का गुस्सा शांत नहीं होगा। वहीं, हॉस्टल में रह रहीं सभी छात्राएं घटना के बाद अपने घर चली गईं।

🔴 पुलिस की सख्ती और अगली कार्रवाई

एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों को विश्वास में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बरामद सुसाइड नोट, गले पर मौजूद निशान और परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


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🔴नतीजा

गोड्डा जिले की यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर रही है बल्कि मदरसा प्रबंधन, छात्राओं की सुरक्षा और संस्थान के संचालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी निगाहें दुमका में होने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी या वास्तव में उसके पिता का आरोप सही है।


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