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भाई के बहन के प्रति प्रेम और फर्ज को दर्शाती है. यह परंपरा. मायरा



Tamil Marwadi Ekta jindabad धर्म की बहन का मायरा भरने जाट बंधु एक बार फिर पहुंचा भाई धर्म की
बहन का मायरा भरने देखने के लिए शहर की गलियों में उमड़ी भीड़
समाज के लोगों ने घनश्याम और उनकी पत्नी का अभिनंदन किया. चेन्नई में धर्म की बहन तमिल बहन का मायरा भरने के लिए पहुंचा. भाई इसे जिसने भी देखा, उसने इस अनोखी मिसाल की तारीफ की. यह मामला चेन्नई तमिल नाडु का है, जब घनश्याम जी जाट और विनोद जी जाट अपनी बहन का मायरा भरने के लिए परंपराओं को जीवंत करने इस दृश्य ने शहरवासियों के दिलों को छू लिया. सोमवार को शहर की गलियों में पारंपरिक रूप से सजी सड़के में विनोद जाटअपनी पत्नी के साथ निकले.
सांस्कृतिक संगीत
राजस्थानी लोक गीतों और सांस्कृतिक संगीत ने माहौल को उत्सवमय बना दिया. इस अनोखी यात्रा को देखने के लिए सड़कों पर बड़ी संख्या में शहरवासी जमा हुए और तालियों के साथ उनका स्वागत किया. मायरा कार्यक्रम में पहुंचने पर परिवार और तमिल समाज के लोगों ने मामोसा रतन जी खदाव घनश्याम जी और विनोद जी का बालाकृष्णन से अभिनंदन किया.
समाज के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे
इस मौके पर मौजूद लक्ष्मण जांगिड़ ने बताया कि जाट बंदूओ का यह कदम न केवल रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवित रखने का एक अनूठा प्रयास है. शहर के सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने दोनों भाइयों के इस कार्य की जमकर सराहना की. समाज से जुड़े लोगों का कहना है, "इस तरह के प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने की प्रेरणा देते हैं. घनश्याम जी जाट और विनोद जी जाट का यह कार्य चेन्नई तमिल नाडु में एक मिसाल बन गया है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे.

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