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सामूहिक दुष्कर्म की साजिश में शामिल कविता ने आरोपों से किया इंकार, बोली – मैंने तो केवल सेवा की

किसान आंदोलन के दौरान पश्चिम बंगाल की मृतक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की साजिश का आरोप भिवानी के बहल गांव की कविता पर भी लगा है।

वह चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही है।किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से ही कविता उससे जुड़ गई थी। वह दिल्ली सहित राजस्थान, पंजाब में सक्रिय रही।कविता का कहना है कि वे सब 12 अप्रैल को ट्रेन में पश्चिम बंगाल से साथ आए थे।

कुल सात लोग थे। उसमें वह युवती भी थी।कविता ने बताया कि उसके दो से तीन दिन बाद भाभी की तबीयत खराब होने पर वह गांव बहल के पातवान में आ गई थी। 24 अप्रैल को वापस दिल्ली बार्डर पर गई थी। वहां पर कमेटी वालों से उसने बंगाल से आई युवती के बारे में पूछा था।कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उस युवती की तबीयत काफी खराब है। वह उसको संभाले और उसकी देखभाल करें।

कविता ने बताया कि इस दौरान युवती के पिता का फोन आया तो उसने ही बात की थी।पिता ने युवती को डाक्टर को दिखाने के लिए कहा था। कविता ने बताया कि बीमार होते हुए युवती ने बताया था कि आरोपित अनिल मलिक ने ट्रेन में उससे बदतमीजी की हैं। उसके बाद वह कोरोना पॉजिटिव हो गई। चार से पांच दिन तक जीवित रही और उसकी सेवा की। मेरा इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।

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