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अंत्रराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन स्लेफ एकेडमी के द्वारा कुडों आर्ट का किया गया

अंत्रराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन स्लेफ एकेडमी के द्वारा कुडों आर्ट का किया गया प्रदर्शन जैन स्थानक माडल टाउन में स्थित जैन स्थानक भवन में दी गई प्रस्तुित
अंत्रराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन स्लेफ एकेडमी के द्वारा कुडों आर्ट का प्रदर्शन जैन स्थानक माडल टाउन में स्थित जैन स्थानक भवन में प्रस्तुत किया गया जिस के संचालक एकेडमी के कोच मीनू की देख-रेख में पूरे एहतियात से सभी खिलाड़ीयों ने प्रदर्शन किया तो बहुत सरहानीय रहा प्रदर्शन में सबसे छोटी बच्ची वंनाया जोकि 5 साल की बच्चे से लेकर सभी बच्चों ने दिलखुश प्रदर्शन किया प्रदर्शन इतना सुन्दर था के सभी विधार्थियों की योग्यता व उनके कोच की मेहनत साफ झलक रही थी। इंडियन स्लेफ एकेडमी के कोच अच्छे व्यक्ति होने के साथ-साथ बहुत अच्छे दिल के और अच्छी सोच के मालिक भी है साथ में सच्चे समाज सेवक भी है जो निरंतर अपने प्रयासों से व एकेडमी के माध्यम से सभी बच्चों में राष्ट्रीय के प्रति जोश और जज्बा अपने प्रयासो से कुट कुट कर अपने शार्गिदों में भरते है इस एकडेमी के जरिये कोच मीनू ने गरीब बच्चे जिस में हर समाज के लड़के व लड़कियों कों बिना फीस के आगे बढ़ने में मदद की अपितु उन बच्चों के स्पोटस कोटे में फ्री एडमिशिन भी करवाये उनका इस क्षैत्र में अपने अनुभव के आधार पर समाज में अच्छा योगदान रहा इस प्रोग्राम की विशेष आर्कषण रही 5 साल छोटी सी लड़की वानाया जिस 5 साल की उमर में ही अपने कोच मीनू के सफल पशिक्षण व मेहनत व अपने कुशल जौहर से सभी का मन मोह लेती है। कोच मीनू दिल के भी बहुत साफ व दयनीय प्रव्ति के है व एक अच्छे नागरिक की तरह एक समाजिक व धार्मिक युवा संगठन भी चलाते है जो अपने प्रोग्राम के माध्यम से बाबा साहेब भीम राव के संदेश की अगवाई में बच्चों का पढने के लिए कॉपी, किताब भेट करतें है ताकि बच्चों का रुझान पढ़ाई की तरफ बढता रहे सीवन गेट पर लगी बाबा साहेब की प्रतिमा पर बहुत सारे सामाजिक संगठन उनके सम्मान में बाबा साहेब की प्रतिमा के गले में फूल माला डाल कर उनका सम्मान करते है और अपने आप को बाबा साहेब की सोच पर पहरा देने वाले कहतें है पर बड़े खेद की बात है बाद में उनकी प्रतिमा को कोई नही संभालता यह दृश्य जब कोच मीनू ने देखा तो उन्हे दिखावा ना करते हुये अपने साथी कोच के दीपक कोच व आकाश के साथ मिलकर रात को ही बाबा साहेब के गले से सुखे हुये माला को उतार कर उन्हे स्वच्छ पानी से नहलाया और समस्त अम्बेडकर वादी कार्याकताओं व संगठनों से हाथ जोड़ कर विन्रम निवेदन किया व सभी को एक संदेश भी दिया के सिर्फ बाबा साहेब जयन्ती या अन्य अवसरों पर जब भी फूल माला चढाऐ तो फूल सूखने से पहले उन्हे उतार दे नही तो बाबा साहेब के साथ -‘साथ समस्त समाज व राष्ट का अपमान होगा वों ऐसा ना करे

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