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"IGRS पोर्टल पर की गई शिकायतों को बिना कार्रवाई 'स्पेशल क्लोज' कर दिया गया, DM से अनुमोदन के बावजूद ज़मीनी हकीकत जस की तस"

लखनऊ। राजधानी के वार्ड संख्या 102, खुमैनी गली, मैदान एल एच खान (मौलाना कल्बे आबिद) क्षेत्र के निवासी पिछले 12 महीनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। मोहल्ले में एकमात्र पानी की टंकी मोहर्रम के समय से खराब पड़ी है, जिसके बाद नागरिकों ने नगर निगम, पार्षद और महापौर तक से गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासी हैदर अब्बास ने बताया कि पानी की किल्लत को लेकर उन्होंने IGRS पोर्टल पर दो बार शिकायतें (शिकायत संख्या 40015725027352 व 40015725027356) दर्ज कराईं। शुरू में अधिकारियों ने जवाब दिया कि मामला "स्वीकृति की प्रक्रिया में है", लेकिन जब नागरिकों ने फीडबैक में असंतोष दर्ज किया तो प्रशासन ने शिकायत को बिना किसी स्थल निरीक्षण के "Special Close" कर दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिलाधिकारी (DM) द्वारा इस निस्तारण को अनुमोदित कर दिया गया, जबकि इलाके में आज तक कोई खुदाई, बोरिंग या मरम्मत कार्य नहीं हुआ है।
🔍 स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
क्षेत्रीय पार्षद इफहाम उल्लाह फैज़ उर्फ बाबू के पास भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन पार्षद ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह “इस गली की समस्या से अनजान” हैं।
📢 जनता का सवाल: क्या IGRS सिर्फ कागज़ी कार्रवाई का मंच बन गया है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि IGRS पोर्टल पर की गई शिकायतों का हाल यह है कि बिना स्थल निरीक्षण, बिना संपर्क किए अधिकारियों द्वारा झूठी रिपोर्ट लगाई जा रही है, और जब फीडबैक में सच्चाई सामने रखी जाती है तो शिकायत को “Special Close” कर दिया जाता है।
🗣️ मांग क्या है?
पुराने शिकायतों को दोबारा खोला जाए
जल संस्थान द्वारा तत्काल बोरिंग करवा कर पानी की आपूर्ति बहाल की जाए
झूठी रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए
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