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बरसात का सीजन शुरू होने को है. किसान भी खेती किसानी की तैयारी जोर शोर से कर रहे हैं. लेकिन इन दिनों खेती किसानी में एक न

बरसात का सीजन शुरू होने को है. किसान भी खेती किसानी की तैयारी जोर शोर से कर रहे हैं. लेकिन इन दिनों खेती किसानी में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है. किसान अब रासायनिक दवाओ का कम से कम इस्तेमाल करना चाहता है, और उसके लिए नए-नए ऑप्शन की तलाश में रहता है. ऐसे में प्राकृतिक खेती में कई ऐसे अस्त्र हैं, जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो कीटों का काल है, और किसानों के लिए वरदान.
अग्नि अस्त्र क्या है ?प्राकृतिक खेती की बात करें तो अग्नि अस्त्र उसके प्रमुख अंगों में से एक है. अग्नि अस्त्र को बनाना भी बहुत आसान है, क्योंकि आपके घर में ही मिलने वाली चीजों से इसका निर्माण किया जा सकता है. बस कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है. साथ ही फसलों में जो कीट व्याधि रोग लगते हैं उसके लिए किसानों के लिए बड़ा हथियार बन सकता है. प्राकृतिक रूप से हमारे आसपास जो नेचुरल चीजें अवेलेबल हैं, उनसे ही इसे तैयार किया जाता है.कैसे बनाएं अग्नि अस्त्र ?आग्नि अस्त्र का निर्माण कैसे किया जा सकता है? इसके बनाने की विधि क्या है? कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी के प्रजापति बताते हैं कि, ''अग्नि अस्त्र बनाने के लिए कुछ चीजों की जरूरत पड़ती है, जिसमें 10 लीटर गोमूत्र की आवश्यकता होगी. 10 लीटर पानी, 5 से 10 किलो ताजा देसी गाय के गोबर की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा हरी मिर्च आधा किलो, आधा किलो लहसुन, 1 से 2 किलो तंबाकू की पत्ती, 5 से 10 किलो नीम की पत्ती, अग्नि अस्त्र निर्माण के लिए इन सभी चीजों की जरूरत पड़ेगी.''
''इसे बनाने के लिए सबसे पहले 10 लीटर गौमूत्र, 10 लीटर पानी और 5 से 10 किलो ताजा देसी गाय का गोबर लेकर सभी को मिक्स कर लें. अगर गोबर मिक्स नहीं कर रहे हैं तो जूट के बोरे में बांधकर लटका देते हैं, तो जो गोबर का रस है, वो पानी में अपने आप टपककर मिल जाएगा. इसके बाद आधा किलो हरी मिर्च, आधा किलो देसी लहसुन इसे काटकर या कूटकर इसी में डाल दें. 1 से 2 किलो खाने वाले तंबाकू की पत्ती का भी उपयोग करें और लास्ट में 5 से 10 किलो नीम की पत्ती को छोटे-छोटे टुकड़े में काट लें या कूट लें और उसे इसी में मिक्स कर दें. फिर इसे हम दो तरीके से बना सकते हैं, अगर जल्दी तैयार करना है, आपके पास व्यवस्था है तो धीमी आंच में इसे गर्म करें और इसका अर्क निकालें. गर्म इसलिए करते हैं कि इसमें जितने भी अवयव मिलाएं हैं वो सभी अच्छी तरह से मिक्स हो जाएं, और उनका तीखापन लिक्विड में आ सके.''
इसके बाद इसके अर्क को किसी ड्रम या बड़े बर्तन में छान कर निकाल लें और कहीं सुरक्षित रख दें. अगर इसे गर्म करने की व्यवस्था नहीं है, तो इसके लिए आप किसी पानी के बड़े ड्रम में रखकर जिन अवयवों को बताया है, सभी को मिलाकर इसे 20 से 21 दिनों के लिए सड़ने के लिए छोड़ सकते हैं. उसके बाद उसे छानकर अपने पास सुरक्षित रख लें. कीटनाशक के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
फसलों में डालने का तरीकाअगर आपकी फसल में कीटों का प्रकोप है तो इसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं. इसे उपयोग करने के लिए प्रति टंकी 200 मिलीलीटर आग्नि अस्त्र जो आपने बनाया है उसे लें और फसल पर छिड़काव करें. अगर 1 एकड़ के रकबे में फसल लगी है और अग्नि अस्त्र का छिड़काव करना पड़ रहा है तो 200 लीटर पानी में 2 से 3 लीटर अग्नि अस्त्र लेकर उसे घोलकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करेंगे तो, इसका असर कुछ दिनों में आपको देखने को मिल जाएगा.
अग्निआस्त्र के फायदेअग्नि अस्त्र के फायदे की बात करें तो जब भी आपकी फसल में कीड़े लगे हों, या फिर फली को कुतरकर खाने वाले कीड़े, पत्ती पर छेद करने वाले या अन्य तरह के कीड़े लगे हों तो इस कीटों को कंट्रोल करने के लिए अग्नि अस्त्र का उपयोग कर सकते हैं. जिसमें इसका अच्छा रिजल्ट भी मिलता है. यह पूरी तरह से नेचुरल होता है, बस इसे सावधानी से बनाएं. इसे धान, गेहूं, सब्जी हर तरह की फसलों में लगने वाले कीटों, तना छेदक, पत्ती छेदक, फल छेदक कीटों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा ये पूरी तरह से नेचुरल होता है, आसानी से घर में मिलने वाली चीजों से बनता है लागत भी नहीं लगती है.

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