
किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जी रही है अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्राकृतिक खेती अपनाने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य : चंद्र कुमार
किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जी रही है अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्राकृतिक खेती अपनाने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य : चंद्र कुमार
कृषि विभाग द्वारा आत्मा परियोजना के सौजन्य से राजगढ़ में बुधवार को किसान मेले का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ प्रदेश सरकार के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार द्वारा किया गया । यहां राजगढ़ पंहुचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर की अध्यक्षता में उनका ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। मंत्री ने अपने संबोधन में पच्छाद की धरती को नमन करते हुए कहा कि प्रदेश के निर्माता डॉक्टर परमार ने इस धरती पर जन्म लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कंग्रेस सरकार प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बेहतरीन विकास कर रही है। उन्होंने कहा हमारे देश व प्रदेश क़ृषि प्रधान प्रदेश है ।और हमें खेती करने को प्राथमिकता देनी चाहिये। परन्तु हम इससे पीछे हट रहें हैं। आज का युवा भी कृषि बागवानी से विमुख होता जा रहा है उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेती को बढ़ावा देने के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई गई। ताकि किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सके और किसानों आर्थिक रूप से संपन हो सके किसानों की जमीनों की मिट्टी की जांच की जानी चाहिये और उससे पता लगाया जाना चाहिये कि कोन सी फसल लगानी चाहिये। जिससे अच्छी आमदनी होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि दूध का दाम बढ़ाएंगे, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देंगे, ऑर्गेनिक गोबर 3 रुपये किलो खरीदेंगे जो हमने किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को भढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद करते हुए कहा कि डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच व नीतियों के फलस्वरूप आज हिमाचल विकास की बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में 90 प्रतिशत लोग कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार किसानों के उत्पादों को अच्छे दाम दिलाने के लिए भी प्रयासरत है जिसके तहत प्राकृतिक कृषि उत्पाद के दामों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला देश का प्रथम राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं के 60 रुपये, मक्की के 40 रुपये तथा हल्दी के 90 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य किसानों को देने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार गाय का दूध 51 रुपये तथा भैंस का दूध 61 रुपये निर्धारित किया गया है जिससे पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ हो रही है।
उन्होंने कहा कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र नकदी फसलों टमाटर, अदरक, शिमला मिर्च, मटर तथा लहसुन की खेती के लिए जाना जाता है इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में आडू, सेब तथा कीवी का भी काफी मात्रा में उत्पादन किया जाता है। उन्होंने किसानों से वर्षा संग्रहण तालाब बनाने तथा उस जल का आवश्यकता पडने पर उपयोग करने का आह्वान किया ताकि वर्षा जल पर निर्भरता कम की जा सके।
उन्होंने किसानों से कहा कि वह पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों का भी उत्पादन करें ताकि उनकी आर्थिकी सुदृढ हो सके। उन्हांने कहा कि प्रदेश सरकार जहर मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, जिसमें गत वित्त वर्ष के दौरान आत्मा परियोजना द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जिला सिरमौर के लगभग 11 हजार प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को लगभग 3 करोड़ की राशि अनुदान के रूप में व्यय की गई है।
इसी प्रकार जिला में कृषि विभाग द्वारा किसानों को गत वित्त वर्ष के दौरान 7 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। जिसमें मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत 3 करोड़ 16 लाख रुपये व्यय कर 79 किसानों को लाभान्वित किया गया। कृषि मशीनीकरण उप-योजना के तहत 1 करोड 90 लाख रुपये व्यय कर 119 किसान लाभान्वित किए गए तथा मुख्यमंत्री कृषि संवर्धन योजना के तहत 1 करोड 85 लाख रुपये व्यय कर 14 हजार 295 किसानों को लाभान्वित किया गया।
कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह गांव में किसानों के खेतां तक जाकर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर प्रशिक्षित करें ताकि किसानों को खेती की आधुनिक तकनीक का बोध हो सके।
कृषि मंत्री ने किसान मेला के दौरान कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्राकृतिक खेती से जुडे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया।
आत्मा प्ररियोजना के प्रमुख डॉ0 साहिब सिंह ने लोगों को सम्बोधित करते हुये कहा कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन प्रयास किये जा रहें है उन्होंने सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए सरकार द्वारा चलाईं जा रही योजनाओं की जानकारी विस्तार से उपस्थित लोगों को दी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने कहा की मुख्य सुखविंदर सिंह सुखु के चल रही सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के उद्वेश्य से दूध, गेहूं, मक्का, हल्दी का समर्थन मूल्य घोषित किया है। यही नहीं पूरे भारत वर्ष में हिमाचल प्रदेश ऐसा करने में पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि हमे प्राकृतिक खेती की और चलना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छे बीज मिलने चाहिये, सिंचाई की सुविधा मिलनी चाहिए, उन्होंने कहा कि किसानों का शोषण होता है। उसे रोका जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों को आर्थिक रूप से उठाने के लिए अच्छा प्रयास कर रही है। उन्होंने भारत सरकार की आलोचना करते हुऐ कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आई। उसके लिये केन्द्र सरकार ने एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने अथक प्रयासों से प्रदेश में आई आपदा को निपटाया। उन्होंने मांग की पझौता क्षेत्र में कृषि केंद्र खोला जाए।