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18 महीनों की बिल डिटेल्स से बिजली बोर्ड का कंगना को जवाब—बयान निराधार साबित

मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत और हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के बीच चल रहे बिजली बिल विवाद में शुक्रवार शाम एक नया मोड़ आ गया। बिजली बोर्ड ने सांसद कंगना रनौत के मनाली स्थित घर के पिछले 18 महीनों के बिजली बिल की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि सांसद द्वारा लगाए गए सभी आरोप तथ्यों से परे और भ्रामक हैं।

बिजली बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों से यह सिद्ध होता है कि कंगना का बिजली बिल औसतन 5,000 रुपये से कहीं अधिक रहा है। बोर्ड के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है कि उनका बिल 30 हजार या 50 हजार तक पहुंचा हो। पिछले साल की सर्दियों में भी उनके बिजली बिल इसी श्रेणी में थे। ऐसे में कंगना का यह दावा कि उनका बिल पहले केवल ₹5,000 आता था और अब अचानक ₹90,000 का बिल भेजा गया है, पूरी तरह से तथ्यहीन साबित होता है। गौरतलब है कि सांसद कंगना रनौत आए दिन कांग्रेस के नेताओं और हिमाचल में कांग्रेस सरकार को अनाप-शनाप बेतुकी बातें कर सस्ती राजनीति में अपने आप को चमकाने का काम कर रही है बल्कि हकीकत कोसों दूर है हिमाचल प्रदेश बिजली विभाग ने क्रमबद्ध सांसद साहिबा की पोल खोल दी

सर्दियों के महीनों के बिल—पिछले साल बनाम इस साल

बिजली बोर्ड द्वारा जारी फाइल के अनुसार, कंगना रनौत के मनाली स्थित घर के बिजली बिल निम्न प्रकार रहे:

पिछले वर्ष की सर्दियाँ (2024):

जनवरी 2024: ₹32,450

फरवरी 2024: ₹30,780

मार्च 2024: ₹28,320

इस वर्ष की सर्दियाँ (2025):

जनवरी 2025: ₹30,850

फरवरी 2025: ₹55,200

मार्च 2025: ₹4,800

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंगना का बिल इस साल भी लगभग उतना ही रहा है जितना पिछले साल सर्दियों में था। जनवरी और फरवरी 2025 के बिल्स ने कुल ₹86,050 का आंकड़ा पार किया, जिससे बोर्ड का यह दावा मजबूत होता है कि दो महीने का ₹90,000 बिल कोई असामान्य बात नहीं है।

बयान से हुई किरकिरी, बिजली बोर्ड ने दिया करारा जवाब

सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में एक सभा में दावा किया था कि उनके घर का ₹1 लाख बिजली बिल आया है जबकि वह वहां रहती ही नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके घर में कोई फैक्ट्री नहीं लगी, फिर भी इतना अधिक बिल कैसे आया। इसके बाद बोर्ड ने प्रेस वार्ता कर बताया कि बिल ₹1 लाख नहीं, बल्कि ₹90,000 का है और वह भी दो महीनों का है। साथ ही यह भी बताया गया कि समय पर भुगतान न करने के कारण बिल इकट्ठा हो गया।

अब बोर्ड द्वारा जारी की गई विस्तृत बिल डिटेल्स ने कंगना के पूरे बयान की बुनियाद ही हिला दी है। इस कदम को बोर्ड द्वारा सांसद को दिए गए स्पष्ट और करारे जवाब के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।

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