
India’s Action On Terrorism
India’s Action On Terrorism: गृह मंत्रालय का आतंकवाद के खिलाफ बड़ा एक्शन!! 67 आतंकी संगठनों को किया बैन, जारी की सूच
India’s Action On Terrorism: गृह मंत्रा लय (MHA) ने भारत में आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने 17 मार्च, 2025 को 67 आतंकवादी और उग्रवादी संगठनों को बैन कर उनकी सूची जारी की है। मंत्रालय की ये कार्रवाई अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानि UAPA के तहत की गयी है। इस का मुख्य उद्देश्य अलगाववादी विचारधाराओं रोकना
गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गयी सूची में 45 संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है, जबकि 22 संगठनों को अवैध संघ (Unlawful Association) के रूप में चिह्नित किया गया है। इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य भारत में आतंकी हमलों को रोकना और उग्रवादी संगठनों की फंडिंग और गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।
सरकार ने इन संगठनों पर लगाए कड़े प्रतिबंधन
India’s Action On Terrorism: सरकार ने इन संगठनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें उनकी संपत्तियों को जब्त करना, सदस्यों की गिरफ्तारी और आर्थिक स्रोतों को रोकना शामिल है। बता दें कि गृह मंत्रालय समय-समय पर इस सूची को अपडेट करता रहता है ताकि आतंकवाद के बदलते स्वरूप पर नजर रखी जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
जानें प्रमुख आतंकवादी संगठनों के नाम जिन्हें इस सूची में शामिल किया गया
India’s Action On Terrorism: इस सूची में कई खालिस्तानी, इस्लामिक, माओवादी, और उत्तर-पूर्व के आतंकवादी संगठन शामिल है जिनकी भारत को लेकर अच्छी मंशा नहीं है। प्रमुख खालिस्तानी आतंकी संगठनों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का नाम है।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन, अल-उमर-मुजाहिदीन और जम्मू-कश्मीर ग़ज़नवी फोर्स को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी गतिविधियों में शामिल संगठनों में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB), ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (ATTF) और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) शामिल हैं।
वामपंथी उग्रवादी संगठनों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) और माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (MCC) का नाम भी सूची में दर्ज किया गया है।
India’s Action On Terrorism: इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कुख्यात आतंकी संगठनों जैसे अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट (ISIS) और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) को भी इस सूची में रखा गया है। इन संगठनों को UAPA की धारा 35 के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है, जिससे इनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और इनके सदस्यों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आतंकवादी संगठनों और इनसे जुड़े लोगों पर सख्त करवाई करेगा गृह मंत्रालय
India’s Action On Terrorism: गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में 22 संगठनों को अवैध संघ (Unlawful Association) घोषित किया गया है, जिन पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन संगठनों में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI), इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF), जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (यासीन मलिक गुट), ह्यन्नीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC), सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) एवं उसके सहयोगी संगठन शामिल हैं।
ये संगठन भारत में अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने और हिंसा भड़काने के कारण प्रतिबंधित किए गए हैं। इनके सदस्यों और समर्थकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और इनके वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।
क्या है UAPA कानून
India’s Action On Terrorism: भारत में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए UAPA, 1967 एक प्रभावी कानून है। यह कानून सरकार को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी संगठन को आतंकवादी या अवैध संघ घोषित कर सके और उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सके। इस कानून के तहत प्रतिबंधित संगठनों की संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है, उनके सदस्यों की गिरफ्तारी हो सकती है, और उन्हें किसी भी तरह की वित्तीय सहायता प्राप्त करने से रोका जा सकता है।
यह कानून समय-समय पर संशोधित किया जाता रहा है, खासकर 2008 के मुंबई हमलों के बाद इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। इस कानून के अंतर्गत आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को कड़ी सजा और लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
भारत सरकार समय-समय पर आतंकी संगठनों की सूची को अपडेट करती रहती है, ताकि देश की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और आतंकी नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।