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अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेले की तैयारियों को लेकर समिति की बैठक का विश्राम गृह भराड़ी में हुआ आयोजन।

Bharari 27/03/2025
मेले के मुख्य अतिथि 2 अप्रैल को होंगे हिमाचल प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी,4 अप्रैल को समापन पर होंगे पूर्व मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार राजेन्द्र गर्ग।

अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला समिति भराड़ी की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मेला अध्यक्ष करतार सिंह चौधरी की अध्यक्षता में विश्राम गृह भराड़ी में आयोजित की गई। बैठक में मेले की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा की गई। यह ग्रीष्मोत्सव मेला आगामी 2 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी शिरकत करेंगे।

बैठक की शुरुआत समिति के सचिव डॉ. जगदीश चंद्र ने की, जिन्होंने मेले की तैयारियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मेले को सफल बनाने हेतु विभिन्न समितियों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। सांस्कृतिक समिति, दंगल समिति तथा स्वागत समिति के प्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की जानकारी दी।

इस बार मेले का विशेष आकर्षण पशु मेला भी होगा, जिसमें पशुपालकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही तीन सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें केवल स्थानीय हिमाचली कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।मेले के समापन पर पूर्व मंत्री व घुमारवीं से पूर्व विधायक राजेंद्र गर्ग मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगे।

बैठक में सभी सदस्यों ने अपने विचार व सुझाव रखे और मेले को भव्यता प्रदान करने हेतु सामूहिक सहयोग की बात कही। अंत में मेला अध्यक्ष करतार सिंह चौधरी ने सभी से सहयोग की अपील करते हुए मेले के सफल आयोजन की कामना की।

बैठक में उपाध्यक्ष ख्याली राम शर्मा, आज़ाद चंद वर्मा,दीवाना राम चौधरी,डॉ जगदीश चन्द्र,कोषाध्यक्ष सोहन लाल, राज कुमार, अनिल सहगल, अजय शर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य इंदु शर्मा,मंजीत, प्रेम सागर, यशवंत चौहान, कैप्टन परमानंद ,श्याम लाल, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ ऋतिक शर्मा,प्रकाश कश्यप,जगदीश, डॉ. रवि कुमार, काली दास, हेम राज ,पृथी सिंह,प्यारे लाल शर्मा,संजीव चौधरी,चुनी लाल सहित अन्य उपस्थित रहे।


समिति ने यह संकल्प लिया कि मेले को पारंपरिक गरिमा के साथ आयोजित करते हुए स्थानीय संस्कृति, खेल, पशुपालन एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

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