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मुख्यमंत्री जी जब प्रदेश में नई यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति दे दी है तो नौजवानों का उच्च शिक्षा प्राप्त ?

केंद्र और प्रदेश की सरकारें चाहे वह भाजपा की हों या अन्य दलों की साक्षरता को बढ़ावा देने और नौजवानों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सस्ता और सुलभ अवसर उपलब्ध कराने के लिए भरपूर प्रयास करती नजर आ रही है। लेकिन पता नहीं वो कौन से कारण हैं या कहां तालमेल में कमी है जो जरूरतमंद नौजवानों को अच्छी और सुलभ शिक्षा प्राप्त हो सके उसके लिए सरकार के प्रयास और मंशा पूरी होने मे क्या रूकावट आ रही है।

 सूत्रों के अनुसार पिछले लगभग दो साल पूर्व यूपी में 54 प्राइवेट यूनिवर्सिटी इस दृष्टिकोण से खोले जाने का शायद सरकार ने निर्णय लिया था कि ज्यादा संख्या में यूनिवर्सिटी और शिक्षा संस्थान होने से जरूरतमंद बच्चों को जहां अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए कई संस्थान उपलब्ध होंगे और कम पैसों में भी बढ़िया शिक्षा प्राप्त की जा सकती है मगर यह बड़े ताज्जुब की बात है कि लगभग डेढ़ साल पूर्व प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन करने वालों को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनुमति भी दे दी गई और इसके लिए जमा की जाने वाली राशि भी सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जमा करा ली गई थी और बताया जा रहा है की आवेदकों द्वारा सारे मानक भी पूरे कर दिये गये है, लेकिन उसके बाद से अभी तक यूनिवर्सिटी खोले जाने का मार्ग प्रशस्त क्यों नहीं किया गया है। यह तो वही जाने। बीच में लाॅकडाउन में तो यह कह सकते हैं कि सबकुछ बंद था लेकिन उससे पहले और बाद में उनसे मानक भी सभी पूरे करा लिये गये तो इनका गजट कराकर आवेदकों का इंतजार खत्म करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अच्छी और सस्ती शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए था। इस मामले में पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी की भावनाएं तो ऐसी ही नजर आती है उसके बावजूद देरी कहां हो रही हैं और किस स्तर पर हो रही है यह देखा जाना अब जरूरी हो गया है क्योंकि अब 54 यूनिवर्सिटी के आए आवेदनों में से अनाधिकृत सूत्रों के अनुसार 28 को एक बार में अनुमति दी गई बताते हैं और चार पांच को बाद में और अनुमति दी गई लेकिन गजट कराकर उन्हें अपने यहां यूनिवर्सिटी के स्तर की क्लास चलाने की अनुमति के आदेश शायद आवेदकों को अभी नहीं मिल पाए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के शिक्षा एवं उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी को मुझे लगता है कि उच्चस्तरीय शिक्षा नौजवानों को मिले इसका मार्ग प्रशस्त करने के लिए इस मामले की खोजबीन कर अग्रिम कार्यवाही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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