
बड़ौत मेडिकल एसोसिएशन की स्वर्ण जयंती: चिकित्सा क्षेत्र के योगदान का उत्सव
बड़ौत मेडिकल एसोसिएशन ने अपनी 50वीं वर्षगांठ को महज एक उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे चिकित्सा और समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर बनाया। इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित समारोह में न केवल नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों ने भाग लिया, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, चिकित्सा में नवाचार और भविष्य की दिशा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके बाद मंच पर वरिष्ठ डॉक्टरों ने एसोसिएशन की यात्रा को साझा किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन ने इस संगठन की पाँच दशकों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंच केवल चिकित्सा जगत के लिए नहीं, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए भी कार्य करता रहा है। उन्होंने भविष्य में और अधिक स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई।
### **स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष सत्र: चिकित्सा से परे एक मिशन**
इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्वास्थ्य जागरूकता पर आयोजित संवाद सत्र रहा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न बीमारियों और उनके बचाव पर चर्चा की।
हार्ट हेल्थ पर चर्चा करते हुए डॉ शोभित तोमर ने बताया कि हृदय रोग अब केवल वृद्धावस्था तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी इसका खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ राजेंद्र कुमार ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इसके प्रमुख कारणों में अस्वास्थ्यकर खानपान, तंबाकू और मिलावटी खाद्य पदार्थों का बढ़ता सेवन शामिल है। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर इलाज शुरू करने से जान बचाई जा सकती है।
बच्चों की सेहत पर चर्चा करते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर ने माता-पिता को मौसम परिवर्तन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वायरल संक्रमण और एलर्जी का खतरा अधिक होता है, इसलिए नियमित टीकाकरण और स्वच्छता बेहद जरूरी है।
### **चिकित्सकों के अनुभव और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा**
इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने दशकों के अनुभव साझा किए और चिकित्सा जगत की बदलती चुनौतियों पर प्रकाश डाला। संस्था के संरक्षक डॉ जे. के. गर्ग ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि एक समाज सेवा है, जिसमें मरीजों के प्रति संवेदनशीलता सबसे जरूरी होती है।
संस्था के सचिव डॉ प्रभात वशिष्ठ और कोषाध्यक्ष डॉ गौरव जैन ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि एसोसिएशन ने पिछले वर्षों में कई मुफ्त चिकित्सा शिविरों, रक्तदान अभियानों और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया है। उन्होंने भविष्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजनाएँ भी साझा कीं।
### **सम्मान समारोह और होली मिलन: चिकित्सा जगत का सौहार्द**
स्वर्ण जयंती समारोह के अंत में चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले प्रमुख डॉक्टरों में डॉ आनंद तोमर, डॉ दिनेश बंसल, डॉ संजय जैन, डॉ अमित खोखर, डॉ सीमांत राय और अन्य वरिष्ठ चिकित्सक शामिल थे।
इसके बाद होली मिलन समारोह आयोजित हुआ, जहाँ डॉक्टरों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और अधिक जीवंत बना दिया।
### **भविष्य की दिशा: डिजिटल और समावेशी चिकित्सा की ओर एक कदम**
यह आयोजन केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर था। डॉक्टरों ने मिलकर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं को पहुँचाने और नई पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
बड़ौत मेडिकल एसोसिएशन की यह स्वर्ण जयंती यह संदेश देकर समाप्त हुई कि चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की जिम्मेदारी भी है।