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राष्ट्रीय सैन एकता का वार्षिक अधिवेशन समारोह श्री नारायणी धाम पर संपन्न हुआ

राष्ट्रीय सैन एकता का वार्षिक अधिवेशन समारोह श्री नारायणी धाम पर संपन्न हुआ


2 मार्च 2025 रविवार को राष्ट्रीय सैन एकता का वार्षिकोत्सव समारोह प्रदेश अध्यक्ष अशोक जी आमेरा व राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी के आतिथ्य में नारायणी धाम पर संपन्न हुआ। समारोह में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली,राजस्थान, गुजरात, बिहार और कर्नाटक से सैन समाज के जुझारू, लग्न शील और समाज के प्रति समर्पित सच्चे सैन साथियों ने शिरकत की।

देश के क्रांतिकारी वक्ता,तीस वर्षों से समाज सेवा में समर्पित राष्ट्रीय सैन एकता के संस्थापक राष्ट्रीय संयोजक डा.महेश वैद्य जी ने बल्लभगढ़ हरियाणा से पहुंचकर बतौर ए मुख्य अतिथि आयोजन को सम्बोधित किया उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि सैन समाज को विश्वकर्मा जयंती,अम्बेडकर जयंती और संत रवि दास जयंती की भांति संत शिरोमणि सैन जी के जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कराने के लिए सरकार से मांग के लिए एकजुटता दिखानी होगी, अनेकों सैन समाज की संस्थाओं ने महामहिम राष्ट्रपति जी और प्रधानमंत्री जी को जिला उपायुक्त और एस डी एम के बाबत सैकड़ों मेमोरेंडम भेज चुके हैं, देशभर से 1111वरिष्ठ समाज सेवियों के हस्ताक्षर युक्त पत्र को राष्ट्रीय सैन एकता द्वारा प्रधानमंत्री को भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जबाब हमें नहीं मिला है।
अब हम "मार्च माह मिशन" के अन्तर्गत मार्च 2025 में कम से कम तीन हजार की संख्या में प्रधानमंत्री कार्यालय तक मांग पत्र भेजने के लिए प्रतिबद्ध है जिसमें आगामी 25 अप्रैल 2025 को आने वाली सैन जयंती तक हमें पूरे देश को सैन जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाएं जिसे अभी राजस्थान और मध्यप्रदेश में केवल ऐच्छिक अवकाश के रूप में सरकारी कैलेंडरों में अंकित किया जाता है। आप सभी अपनी अपनी संस्था के लेटर पैड पर या व्यक्तिगत रूप से भी प्रधानमंत्री कार्यालय,नई दिल्ली,भारत के नाम पर भेज सकते हैं, स्पीड पोस्ट विथ पावती भेजें आनलाइन भेजें, अपने विधायक, सांसद या एस डी एम , तहसीलदार स्तर के अधिकारी के द्वारा भेजे, लेकिन मेरी पूरे देश के सैन सपूतों से लाडली बहनों से, युवाओं से, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले साथियों से गुजारिश है कि यह मांग पत्र अवश्य भेजें। #sainjayantirastriyavkash के द्वारा सोशल मीडिया पर भी अधिक से अधिक प्रचार करें। अपने सभी पत्र, चित्र सहित शेयर कीजिए, बच्चा जब तक नहीं रोता,मां भी दूध नहीं पिलाती और हमारी वर्तमान सरकार यानी हमारी मां भी इतनी कठोर नहीं है कि हमारी करूणा पर उदार ना हो, उन्होंने राष्ट्रीय सैन एकता के बारह राज्यों के साथियों के साथ साथ अन्य देश के सभी सैन, सविता,मारू आदि संगठनों से भी सभी भेदभाव भुला कर अपने इस मिशन पर साथ चलने की पूरजोर अपील की है।

राष्ट्रीय सैन एकता एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था के रूप में एक ब्रांड है जिसमें पच्चतहर से पच्चीस वर्षीय जोशीलें महिला पुरुषों की जितनी सराहना की जाएं कम है। उन्होंने कहा कि
"उच्च शिखर पर बैठा सैन समाज का नेता और अधिकारी जिस दिन अपने समाज के सामान्य और जरुरत मंद लोगों के प्रति सहयोगी बन जाएगा, समाज का सुधार स्वत ही हो जाएगा" लेकिन पावर में पहुंचते ही ये लोग अपने आकाओं की चमचागिरी में मसगुल हो जातें हैं या नीजी स्वार्थों के कारण समाज को अनदेखा कर देते हैं जो इनके स्वयं के लिए भी और समाज के लिए भी हानिप्रद सिद्ध होता है।
राष्ट्रीय सैन एकता के द्वारा लेखन पाठन सामग्री वितरण, रोजगार सहयोग,रिश्तों में सहयोग,सिलाई मशीन वितरण, समाज सेवी सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी आयोजन और अनेकों समाज हितैषी गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने संगठन के सभी सदस्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और इसी तरह सेवा करते रहेगें ऐसा विश्वास जताया।
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ समाजसेवी संतोष जी उमरे की लिखित पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट करने के इस बौद्धिक कार्य के लिए साधुवाद और कोटि-कोटि बधाई।

ग्राम पंचायत प्रधान हिसाली परिवार से प्रवेश कुमार सैन जो कि राष्ट्रीय सैन एकता के उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी भी है का भी माला, पटका, पगड़ी द्वारा सम्मान किया गया और अपने समाज की राजनैतिक भागीदारी के लिए ख़ुशी प्रकट की गई, उन्होंने अपने वक्तव्य में समाज को शिक्षित बनाने की अपील की।

कर्पूरी ठाकुर शोध संस्थान के चैयरमेन दिल्ली निवासी चंद्र पाल सिंह जी ने अपने वक्तव्य से सभी साथियों को लाभान्वित किया,नव उर्जा का संचार किया और अपने गहण अनुभवों को सभी के सम्मुख सांझा किया जो अपनी धर्मपत्नी जी के साथ आयोजन में बतौर ए विशिष्ट अतिथि आमंत्रित थे। राष्ट्रीय सैन एकता के राष्ट्रीय संगठन सचिव ओमप्रकाश सैन निवाई जी ने समस्त आगंतुकों को पटका पहना कर स्वागत किया।

अखिल भारतीय श्री नारायणी धाम के अध्यक्ष अशोक सरना जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। श्री नारायणी धाम के उपाध्यक्ष मनोज जी, महासचिव मीट्ठन लाल जी एवं उनके दर्जनों साथियों को भी पगड़ी माला द्वारा सम्मानित किया गया,नायब सूबेदार शैतानाराम जी एवं सेवा निवृत्त मुख्य अध्यापक महेश पंवार सहाब जी एवं मदनलाल परमार सहाब जी ने पाली एवं जोधपुर राजस्थान से, शशिकांत जी दिल्ली, प्रीति तंवर बल्लभगढ़ फरीदाबाद,शैलेन्द्र ठाकुर बिहार, रमेश डागर हरियाणा, संतोष जी उमरे,भावेश सैन, रितेश सैन, सूचित कुमार, बद्रीनाथ श्रीवास छत्तीसगढ़ ,मनोज जी सैन रामगढ़, गुजरात,मिट्ठन लाल जी, मनोज जी दौसा,हुकमीचंद सैन राजसमंद, रामनारायण सैन , प्रेमवती सैन जी, अवधेश जी,भवानी शंकर जी, तेज सिंह जी, विजयलक्ष्मी जी, मंजू जी जयपुर,और परमानंद जी सैन खचरोड मध्य प्रदेश,सुमन जी मोदी व अपर्णा तंवर जी सीकर, कंचन जी सैन पुष्कर सहित सभी साथियों ने अहम् भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय सैन एकता के सहयोगी दल जनसहयोग सैन सेवा संगठन के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. प्रभु दयाल जी , अलवर व श्याम सुंदर जी नीमराना तथा सर्व सैन समाज छत्तीसगढ़ से मंथीर जी सैन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर जनसहयोग सैन सेवा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी प्रभु दयाल जी सैन ने राष्ट्रीय सैन एकता स संगठन की रीति - नीति व कार्यों को देखते हुए तथा समाज में एकता का संदेश देते हुए अपने संगठन का राष्ट्रीय सैन एकता में विलय करने का प्रस्ताव रखा। इस पर संगठन के सचिव ओमप्रकाश जी सैन ने कहा कि जल्द ही इस विषय पर दोनों संगठनों के पदाधिकारियों की एक मीटिंग बुलाकर इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
संगठन के द्वारा चलाए जा रहे विधवा सहाय अभियान के तहत विधवा तथा परित्यक्त महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया गया।
मंच का कुशल नेतृत्व संस्था के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज सैन जी ने किया, संगठन सचिव ओमप्रकाश सैन निवाई जी ने सभी के जलपान प्रसादी आदि की पूरी व्यवस्था को बखूबी से निभाया, महेश पंवार जी ने सभा की अध्यक्षता की और अपने धन्यवाद भाषण से सभी का पधारने पर आभार प्रकट किया।

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