मस्जिद ए उस्मानिया, आयशा मस्जिद एवं जामा मस्जिद में हुआ पहला रोजा इफ्तार
चौथ का बरवाड़ा काजियों के चौक में स्थित जामा मस्जिद फतेह दरवाजा के पास स्थित मस्जिद ए उस्मानिया एवं बायपास स्थित आयशा मस्जिद में पवित्र माह ए रमज़ान के पहले दिन रोजा इफ्तार हुआ।
मस्जिद ए उस्मानिया के सदर हाजी शकुर साहब ने बताया की इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार रमजान का महीना सबसे पवित्र माना जाता है। रमजान के महीने में रोजा रखकर दुनिया में रह रहे गरीबों के दु:ख दर्द को महसूस किया जाता है। रमजान माह में पूरे 30 दिन तक रोजे रखे जाते हैं और सायंकालीन मगरिब की अजान के साथ प्रतिदिन रोजा इफ्तार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रमजान के रोजे मुस्लिम समुदाय को उनकी धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ बुरी आदतों को छोड़ने के अलावा आत्म संयम रखना सीखाते हैं तथा बुरे विचार रोजे के दौरान मन से दूर हो जाते हैं।
चौथ का बरवाड़ा की तीनों मस्जिदों में रोजा इफ्तार हुआ। रोजा इफ्तार एवं मगरिब नमाज के बाद देश में अमन चैन एवं भाईचारे की दुआ की गई।