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रीवा मध्यप्रदेश/ मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर, रीवा जिले के ग्राम सगरा में संत रामपाल जी महाराज के द्वारा लिखित पुस्तको को जन जन तक पहुँचाया गया

रीवा 14 जनवरी/ मकर संक्रांति के अवसर पर, रीवा जिले के ग्राम सगरा में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने एक अनूठी पहल शुरू की है। इस पावन दिन पर लोग त्यौहार मनाने के बजाय आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने में जुटे हैं। वे "ज्ञान गंगा," "जीने की राह," और "गीता तेरा ज्ञान अमृत" जैसी आध्यात्मिक पुस्तकों को उपहार में देकर समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रहे हैं।

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी दिन-रात मेहनत कर इन पुस्तकों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचा रहे हैं। इन पुस्तकों में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता का सही स्वरूप बताया गया है, जो समाज में व्याप्त अंधविश्वास, नशा और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। विशेष रूप से नशे से प्रभावित परिवारों में इन पुस्तकों ने सुख और शांति का वातावरण बनाया है।

पिछले कुछ महीनों में अनुयायियों ने हजारों पुस्तकों का वितरण विभिन्न स्थानों पर किया है। इस प्रयास से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, और वे आध्यात्मिकता को सही तरीके से समझ पा रहे हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुधार हो रहा है, बल्कि समाज में भी एक नई चेतना जाग्रत हो रही है।

रमाकांत मिश्रा,राघवेन्द्र तिवारी,संदीप,रामसुमिरन,दौलत,दिनेश,जितेंद्र,नारायण,शिवप्रसाद,आयुष,ओमकार,विवेक,हेमेंद्र,रामानुज, रामजतन इन्हीं के जैसे और सभी अनुयायियों का लक्ष्य है कि रीवा जिले की सभी तहसीलों में इन पुस्तकों को पहुंचाकर धर्म और भक्ति का वास्तविक उद्देश्य समझाया जाए। यह पहल न केवल रीवा बल्कि पूरे समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। संत रामपाल जी महाराज के इस अनूठे प्रयास से समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया जा रहा है।

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