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बाग बगीचों और कृषि भूमि पर आवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल, लैंडयूज बदले-लेआउट पास किए बिना बेच रहे प्लॉट

विकासनगर-कृषि भूमि पर अंधाधुंध अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। बीते डेढ़ माह में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में एमडीडीए की टीमों ने करीब सोलह सौ बीघा कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग का काम रुकवाया है बावजूद इसके भू माफिया बिना लैंडयूज बदले और लेआउट पास करवाए अवैध प्लॉटिंग लगातार किए जा रहे हैं।

विकासनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत जमुनीपुर ग्राम पंचायत में भूमाफियाओं ने अलग-अलग जगह लगभग 10 बीघा और 25 से 30 बीघा कृषि भूमि को किसानों से ओने-पोने दामों पर खरीद कर कृषि भूमि पर बिना किसी लैंडयूज बदले और लेआउट पास करवाए बाकायदा डिमार्केशन कर अवैध प्लाटिंग कर साडे बाराह हजार से 15 हजार रुपए गज के हिसाब से बेच रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यहां तक पता चला है कि जमुनीपुर में जो 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है उसमें पहले एक आम का हरा-भरा बाघ हुआ करता था जिसमें बड़े-बड़े आम के हरे-भरे फलदार पेड़ खड़े थे इन पेड़ों को अवैध रूप से रात के अंधेरे में जड़ सहित उखाड़ दिए गए और अब उसे पर डिमार्केशन कर अवैध प्लाटिंग की जा रही है जबकि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को यह स्पष्ट करना होता है कि वह किस उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं। इसमें भूमाफिया बड़े स्तर पर राजस्व शुल्क की भी चोरी कर रहे हैं। भू माफियाओं के पास ना तो किसी प्रकार का कॉलोनाइजर का लाइसेंस प्राप्त है ना ही इस भूमि पर जो कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं उनका एमडीडीए विभाग से ना ही कोई नक्शा पास है और ना ही किसी प्रकार की कोई अनुमति प्राप्त है।

अब देखना यह होगा कि इस हो रही अवैध प्लाटिंग को संबंधित विभाग कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या इस पर कोई कार्रवाई अमल में लाई जाती है या नहीं। एमडीडीए विभाग, तहसील प्रशासन के साथ-साथ उद्यान विभाग को भी उक्त प्रकरण का संज्ञान गंभीरता से लेकर उचित कार्यवाही करनी चाहिए

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