logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

हरियाणा में धर्म संकट, हुड्डा के बिना कांग्रेस की राजनीतिक प्रगति संभव नहीं कांग्रेस हाईकमान किसी दूसरे को कांग्

शशिलता पांडेय (फरीदाबाद)
हरियाणा कांग्रेस पार्टी में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का एकाधिकार ना रहे, इसके लिए हुड्डा के स्थान पर किसी दूसरे को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने की चर्चा तेज चल रही है। वही दूसरा पहलू यह भी है कि हुड्डा के बिना कांग्रेस की राजनीतिक प्रगति संभव कही से भी नही दिख रही है, लेकिन इसके बावजूद सूत्रों के मुताबिक हाईकमान किसी दूसरे को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने की संभावनाएं तलाशने में जुटा हुआ है। जबकि हरियाणा कांग्रेस में हार की वजह में प्रमुख मुद्दा खींचतान से पार्टी के हाथ से छूट गई सत्ता रहा है। रणनीतिकारों को पूरी उम्मीद थी कि हरियाणा राज्य में पुर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी, लेकिन पार्टी के राज्य स्तरीय नेताओं की आपसी खींचतान ने कांग्रेस को पांच साल पीछे धकेल दिया है। वही पार्टी के अंदर खाने से सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसर विधानसभा चुनाव के बाद से हरियाणा कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। विधायक दल के नेता के लिए लॉबिंग चल रही है तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी नई नियुक्ति की संभावना जोर पकड़ रही है।

कांग्रेस महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा को पार्टी हाईकमान द्वारा एक बार फिर से हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष की प्रमुख जिम्मेदारी दे सकती है। सूत्र की मानें तो वही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सैलजा की नियुक्ति को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। हरियाणा विधानसभा में इस बार कांग्रेस के 37 विधायक चुनकर आए हैं, जिनमें से 33 विधायक हुड्डा समर्थक हैं। चार विधायकों को कुमारी सैलजा समर्थक माना जाता है। ऐसे में हरियाणा कांग्रेस में बड़ी धर्मसंकट है की हरियाणा की राजनीति में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बगैर राजनीतिक प्रगति संभव नहीं दिख रही है। विधायक दल के नेता का नाम पहले और प्रदेश अध्यक्ष का नाम बाद में होगा घोषित हाईकमान कर सकता है। वही दूसरी तरफ जानकारी यह भी मिल रही है की कांग्रेस विधायक दल के नेता का नाम आठ नवंबर से पहले घोषित किया जा सकता है और प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा में बहुत जल्दी हो सकती है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान होडल से स्वयं चुनाव हार गए थे उनकी गिनती हुड्डा समर्थकों में मानी जाती है। वही आठ नवंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र आरंभ होने की संभावना मानी जा रही है।



(उपरोक्त लेखक के निजी विचार हैं)





160
1709 views

Comment