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खड़ब गौशाला में दीपावली पर गौ माता के गोबर से तैयार किया जा रहे हैं हजारों दीपक ।
स्वदेशी दीपक की बढ़ी मांग ।
कोटपुतली (जयपुर ग्रामीण)
ग्राम खड़ब के बड़ा मंदिर में गाय के गोबर से दीपक तैयार किया जा रहे हैं दीपक गाय के गोबर, गोमूत्र, घी सहित पंचगव्य से तैयार किया जा रहे हैं । बड़ा मंदिर महंत महावीर दास त्यागी ने बताया कि गाय के शरीर में 33 कोटी देवताओं का वास होता है दीपावली पर यह दीपक प्रतिवर्ष तैयार किए जाते हैं । इन्हें बनाने के लिए गाय का शुद्ध गोबर, गोमूत्र, घी मुल्तानी मिट्टी, ग्वार गम व एक तरह के पाउडर का इस्तेमाल होता है । मंदिर महंत ने बताया कि चाइनीज माल पर प्रतिबंध लगने के बाद स्वदेशी दीपक की मांग लगातार बढ़ गई है । इनको देखते हुए खड़ब गांव की गौशाला में दीपक तैयार किया जा रहे हैं । दीपावली पर हमें प्रदूषण युक्त पटाखे, चाइनीज माल सहित अन्य प्रदूषण जनित वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए । इससे पर्यावरण को नुकसान होता है । इसलिए करीब 2000 दीपक तैयार किया जा रहे हैं मंदिर महंत ने बताया कि मंदिर परिसर में ही गौशाला है जहां सैकड़ो गाय हैं । जिनसे शुद्ध गोबर प्राप्त होता है । जिससे दीपक तैयार किया जा रहे हैं । खड़ब सरपंच मालाराम गुर्जर ने कहा कि यह गायों के संवर्धन व पर्यावरण को बचाने की मंदिर महंत की अनोखी पहल बहुत ही सराहनीय है । जिसको देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में गाय के गोबर के दीपक की मांग बढ़ रही है ।