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किसान दिवस पर कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को किसानों को कराया गया रूबरू

कानपुर देहात
ज्ञान सिंह ब्यूरो
किसनों की कमाई कृषि पर आधारित होती है यदि समय से खेत में फसल की बुवाई ना हो तो उसका कुछ लाभ नहीं।
उल्लेखनीय है कि आने वाला समय किसानों के लिए लहसुन की खेती का है जिसको लेकर किसानों ने लहसुन बोवाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अन्नदाता किसानों की समस्याओं के त्वरित निदान करने के साथ-साथ केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा कृषक हित में संचालित योजनओं कार्यक्रमों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार माह के तृतीय बुधवार को किसान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में मध्यान्हः 12 बजे से किया गया।उप कृषि निदेशक, कानपुर देहात राम बचन राम द्वारा किसान दिवस में आये अधिकारियों, किसान संगठन के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील किसानों का औपचारिक स्वागत करते हुए किसान दिवस की कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए किसान दिवस की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। उप कृषि निदेशक द्वारा प्रधानमंत्री ऊर्जा उत्थान एवं महा अभियान (पी0एम0 कुसुम) योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में सोलर पम्पों की आनलाइन बुकिंग प्रारम्भ है, इच्छुक किसान भाई अपने भू-गर्भ जल स्तर के आधार पर विभिन्न क्षमता यथा 02 एच0पी0, 03 एच0पी0, 05 एच0पी0, 7.5 एच0पी0 एवं 10 एच0पी0 क्षमता में से उपयुक्त क्षमता के सोलर पम्प की स्थापना करा सकते है। किसान दिवस में आये हुए सोलर पम्प स्थापना हेतु चयनित कार्यदायी संस्थाओं यथा प्रीमियर सोलर, के0एस0बी0 सोलर एवं शक्ति पम्प के प्रतिनिधियों द्वारा किसानों को सोलर पम्प के रख-रखाव एवं उनमें आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए शिकायत दर्ज कराने के लिए निर्धारित टोल फ्री नम्बरों व कम्पनी के अधिकृत सर्विस सेन्टरों के सम्पर्क सूत्रों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। कृषि विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए उनके द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा अनुदान पर वितरित कृषि यंत्रों जैसे रोटावेटर, चेप कटर, मल्टीक्राप थ्रेसर, लेजर लैण्ड लेवलर, स्ट्रा रीपर, मेज सेलर(मक्का थ्रेसर), मिनी राइस मिल, हैरो, कल्टीवेटर, कम्बाइ हार्वेस्टर, कस्टम हारयिंग सेन्टर, फार्म मशीनरी बैंक, थ्रेसिंग फ्लोर, एवं स्माल गोदाम के साथ-साथ छोटे कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने हेतु इच्छुक कृषक 23 अक्टूबर, 2024 तक कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर आॅनलाइन बुकिंग कर सकते है। उनके द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन के सम्बन्ध में जागरूक करते हुए अवगत कराया गया कि फसल अवशेष, पराली जलाने से जहॉ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। पौधे जीवांश से ही पोषक तत्व लेते है तथा इससे फसलों के उत्पादन में मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेषध्पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 2500- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 5000- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 15000- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है। उक्त के साथ-साथ उप कृषि निदेशक द्वारा किसानों को कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर वितरित बीज व निशुल्क मिनीकिट, जैविक खेती, कृषि निवेशों की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गयी। उद्यान निरीक्षक धनश्याम द्वारा उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में आलू एवं प्याज का बीज अनुदान पर वितरण हेतु उपलब्ध है, इच्छुक किसान भाई उद्यान विभाग की अधिकर्त वेबसाइट पर पंजीकरण करा कर उक्त बीज प्राप्त कर सकते है। सहायक अभियंता लधु सिचाई एम0के0शुक्ला द्वारा लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित उथली, मध्यम गहरी एवं गहरी बोंरिग योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी किसानों को उपलब्ध करायी गयी। जिला कृषि रक्षा अधिकारी , राम नरेश द्वारा किसानों को संचारी रोग, चूहा-छछूंदर नियंत्रण कार्यक्रम में सम्बन्ध में जागरूक करने के साथ-साथ बीज शोधन व मृदा शोधन के सम्बन्ध मे जानकारी प्रदान की गयी। भूमि संरक्षण अधिकारी देवेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा भूमि संरक्षण हेतु विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं, कार्यक्रमों के सम्बन्ध में किसानों को अवगत कराया गया । आयोजित किसान दिवस में कृषि विभाग, उद्यान, नलकूप,, मत्स्य विभाग, अग्रणी जिला प्रबन्धक के जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ साथ कृषि वैज्ञानिक, भारतीय किसान यूनियन (अराज0) के मण्डल अध्यक्ष रशीद अहमद आजाद व भारतीय किसान यूनियन (अराज0) के जिलाध्यक्ष आयुष सिंह राजावत के साथ-साथ जनपद के लगभग 55 किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया, अंत में जिला कृषि रक्षा अधिकारी द्वारा अध्यक्ष महोदय की अनुमति से धन्यवाद ज्ञापित कर किसान दिवस के समापन की घोषणा की गयी।

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