दशहरा मेला में कवियों ने किया काव्य पाठ
राशमी उपखण्ड के दशहरा मेला के प्रथम दिवस शुक्रवार को अखिल भारतीय कवि सम्मलेन आयोजित किया जिसमें सर्व प्रथम शबाना शबनम कवियत्री ने माँ सरस्वती वंदना से की शुरुआत
शबाना शबनम ने अपने काव्य पाठ की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से कीए जो ज्ञान और सृजन की देवी हैं। यह एक सुंदर और आदरपूर्ण शुरुआत थीए जिसने श्रोताओं को कविता की भावनात्मक और सांस्कृतिक गहराई में डूबने के लिए तैयार किया
कवि प्रख्यात मिश्रा उत्तर प्रदेश ने शुक्रवार को झातला मातेश्वरी दशहरा मेला आरणी के प्रथम दिवस पर आयोजित कवि सम्मलेन में काव्य पाठ एक अद्भुत साहित्यिक घटना थी। उनकी कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनकी भावनाओं को गहराई से छुआ कवि प्रख्यात मिश्रा की शक्तिशाली कविताएं से
सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित कविताएं कविताओं में भावनात्मक गहराई और सौंदर्य उन्होंने कहा की राम वही है जो भारत की सरकार बनाने वाले
कवि प्रख्यात मिश्रा को उनके अद्भुत काव्य पाठ के लिए ग्रामीणों ने बधाईया दी इसी प्रकार कवि हिम्मत सिंह उज्जवल ने मायड़ भाषा में कविता पाठ एक अद्वितीय साहित्यिक घटना थी। उनकी कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और मायड़ भाषा की सुंदरता को प्रदर्शित किया। इसके अलावा भी छोटी सादड़ीए मध्य प्रदेश सहित कई कवि गण ने पाठ किया और कवि सम्मेलन रात्री दो बजे तक चला तथा संचालन दिनेश ललकार ने किया