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कोटा ।।। बदइंतजामी का नतीजा ,,21 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत।।।

नर्सिंग हॉस्टल्स में डेंगू का प्रकोप एक छात्रा की मौत कई अन्य बीमार पूरा हॉस्टल करवाया खाली।।
ground report मौके पर मिली गंदगी टूटे दरवाजे रिसेप्शन मेन डोर में मच्छर जालियों की जगह प्लास्टिक और सीमेंट के खाली कट्टे लगे दरवाजे।।
परिजनों का आरोप __ बिटिया नाजिया साफ सफाई की कई बार करती थी शिकायत।।
लोगों की सेवा करने का जज्बात दिल में लिए प्रशासन की लापरवाही की मौत मरी नाजिया।।।
28सितंबर कोटा।
विनोद कुमार गौड़।।
कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में संचालित नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में अध्ययन द्वितीय वर्षीय छात्रा नाजिया खानम की डेंगू से मौत हो गई।
कोटा में डेंगू से मौत का पहला मामला सामने आया है।।
वही स्क्रब टायफस के 8 और चिकनगुनिया के 3 मरीजों की पुष्टि हो पाई है।।
नाजिया एमबीएस परिसर में बने एएनएम हास्टल में ही रह कर ट्रेनिंग कर रही थी 22 सितंबर को तबीयत खराब होने पर डॉक्टर को दिखाया 23 तारीख को रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर 25 तारीख को नाजीया अपने गांव करवाड़,इटावा चली गई।।।
26तारीख गुरुवार को तबीयत अचानक खराब हुई तो परिजन कोटा लेकर पहुंचे जहा हालत क्रिटिकल थी।
रात 8.00 बजे नाजिया ने दम तोड दिया।
*अस्पताल अधीक्षक आशुतोष शर्मा* ने बताया कि पेशेंट की हालत बहुत नाजुक थी बचाया नहीं जा सका।।

छात्र के *मामा अतिक मोहम्मद* ने बताया कि नाजिया परिवार की सबसे ऑनर बच्ची थी इसके पीछे एक बहन और 13 साल का छोटा भाई भी है हमें तो अब तक समझ नहीं आ रहा हमारी भांजी चली गई।।

छात्रा की जांच रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव आई है
हॉस्टल को सैनिटाइज करवाया गया ही और भी हॉस्टल लार्वा एक्टिविटी में कोई लार्वा नही मिला है ।।
*Dr. जगदीश सोनी CM &H O KOTA*

*सवाल जो हमारे रिपोर्टर के सामने* आए आखिर इस हॉस्टल परिसर की हालत देखकर नहीं कहा जा सकता कि यह हॉस्टल संचालित हो रहा है पानी चारों तरफ और बरामदे चौक में उगी जंगली झाड़ियां टूटे टाइल्स बाथरूम में बिजली के बल्ब तक नहीं, वही रिसेप्शन में तो हालत यह है कि कांच और मच्छर जाली वाले दरवाजे में सीमेंट के पुराने टांट और पल्ले लगाकर दरवाजा लगा रखा था। यही नहीं छात्राओं के नहाने के लिए भी बाथरूम उपयोग में नहीं ला जा सकने वाली स्थिति में थे ऐसे में छात्राएं खुले चौक में तीन प्लांगो को खड़ा करके बनाई गई चार दिवारी के बीच में स्नान करती थी वहीं सफाई कर्मियों से बात करने पर पता लगा कि हमारे को तो यह कहा गया है कि हॉस्टल में तो सफाई करो बाकी आपको अन्य हॉस्टलों में भी तो काम करना है
दूसरा सवाल यह है कि प्रशासन ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए रातों रात में सभी छात्राओं को वहां से रिलीव कर दिया। बात जब मीडिया में पहुंची तब नर्सिंग अधीक्षक महोदय मैं सब कुछ ठीक होना बताया एवं किसी प्रकार डेंगू लार्वा एक्टिविटी की दौरान पुष्टि नहीं बताई, जबकि फोटोग्राफ्स और वीडियो हकीकत बयां कर रहे हैं।।
तीसरा प्रमुख सवाल है कि जो मां-बाप अपने नोनीहाल बच्चों को पढ़ने लिखने के लिए हॉस्टल में भेज रहे हैं,उनके जिम्मेदार सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां पूरी तरह नहीं निभा रहे हैं ।और जब कोई हादसा हो जाता है तो
आनन फानन में साल भर बजट की कमी की दुहाई देने वाले अफसर भी तत्काल बजट जारी करके लीपा पोती में लग जाते हे।
हादसे के बाद के हालात छात्र की मौत के बाद एक और जहां हॉस्टल अधिकारी ने वार्डन से किसी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा वहीं दूसरी ओर तत्काल मरम्मत का कार्य भी चालू करवा दिया गया है ।।
सभी छात्राओं को रिलीव करने के बाद हॉस्टल को सेनीटाइज करवाई जाने का दावा किया जा रहा है मौके पर पहुंचे हमारे संवाददाता ने जाकर देखा कि शुरुआती तौर पर साफ सफाई करने वाले कर्मचारियों में भी आक्रोश व्याप्त है जो कि स्वयं यहां की अपेक्षा की बातें बता रहे हैं

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