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जुलूस ए मोहम्मदी में दिया गया शिक्षा पर जोर

अंजुमन आशिकाने अहलेबैत के जेरे एहतिमाम ग्राम पंचायत गहलुइया जिला पीलीभीत शरीफ में हर साल की तरह इस बार जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस ए मोहम्मदी बढ़ी ही शान व शौकत से निकाला गया पूरी दुनिया को अमन व शांति का पैगाम दिया और इस मौके पर जुलूस को शांति व सुकून निकालने में थाना प्रभारी विजय पाल सिंह यादव जी का भरपूर योगदान रहा सुबह 7 00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक नबी की शान में नात के नगमात पेश किए गए इस मौके पर मस्जिद के इमाम साहब ने कहा कि दुनिया में मेरे नबी के आने से पहले लोग नवजात शिशु को पैदा होने के बाद दफन कर देते थे मेरे आका तशरीफ़ लाए उस वक्त से लेकर आज तक दुनिया में किसी लड़की को जिंदा दफन नहीं किया गया और कहा कि मेरे आका ने सबसे पहले शिक्षा का हुक्म दिया और फ़रमाया मां की गोद से लेकर कब्र की मंज़िल से पहले तक शिक्षा हासिल करो

आखिर में नात शरीफ और सलाम व दुआ पर जुलूस ए मोहम्मदी को खत्म किया
इस मौके पर जुलूस में शामिल रहे
इमाम आशिक़ हुसैन, मोहम्मद अकरम मंसूरी, यूनुस अहमद मंसूरी, सुराज अहमद मंसूरी, महसर मंसूरी, शमशाद मंसूरी, इब्ने अली मंसूरी, वसीम मंसूरी, अकरम अली मंसूर, साबिर हुसैन मंसूरी, यूनुस मंसूरी, आरिफ और पप्पू मंसूरी, फजल अहमद मंसूरी, असद अहमद मंसूरी,बली अहमद मंसूरी, फारुक मंसूरी, नन्हें मंसूरी, तौफीक अहमद मंसूरी, शकूर अहमद अंसारी, जफर हुसैन अंसारी, यासीन अंसारी,
रहीस अहमद अंसारी, अकील अंसारी, जान मोहम्मद अंसारी, मोहम्मद उमर अंसारी, मीर हसन अंसारी, अनीस उर्फ बाबू मंसूरी, शमसुल हसन, रिजवान, फूल बाबू ,शमीर, रफीक अहमद, नवी मोहम्मद , रफीक उर्फ सन्ने बजाज अंसारी, नफीस अहमद, इंत्याज अंसारी, अफसार अहमद, परवेज आलम

अशरफी जामई 🖋️।

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