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सफीदों से बीजेपी की टिकट घोषित होते ही फूटा विरोध पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य के समर्थकों ने की जमकर नारेबाजी आर्य सदन में लगे भाजपा के झंडे, पोस्टर व बैनर उतरे भाजपा प्रत्याशी की होगी जमानत जब्त, चाहे शपथ पत्र ले लो: बचन सिंह आर्य कहा: सफीदों का दादा खेड़ा कभी किसी बाहरी को स्वीकार नहीं करता सफीदों,

सफीदों से बीजेपी की टिकट घोषित होते ही फूटा विरोध
पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य के समर्थकों ने की जमकर नारेबाजी
आर्य सदन में लगे भाजपा के झंडे, पोस्टर व बैनर उतरे
भाजपा प्रत्याशी की होगी जमानत जब्त, चाहे शपथ पत्र ले लो: बचन सिंह आर्य
कहा: सफीदों का दादा खेड़ा कभी किसी बाहरी को स्वीकार नहीं करता
सफीदों, (महाबीर मित्तल): सफीदों विधानसभा क्षेत्र से दादा रामकुमार गौत्तम के बतौर भाजपा उम्मीदवार घोषित होते ही यहां पर विरोध फूट पड़ा है। रात करीब 9 बजे सैंकड़ों कार्यकर्त्ता नगर के आर्य सदन पर एकत्रित हुए और बाहरी प्रत्याशी नहीं चलेगा, नहीं चलेगा की नारेबाजी की। इस मौके पर पिछले विधानसभा ख्चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य भी विशेष रूप से मौजूद रहे। अपने संबोधन में पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सफीदों विधानसभा क्षेत्र से बाहरी प्रत्याशी उतारकर उनके सहित यहां के असंख्ख्य नेताओं व कार्यकर्त्ताओं के साथ कुठाराघात करने का काम किया है। यह एक सत्य है कि सफीदों का दादा खेड़ा किसी बाहरी को कभी भी स्वीकार नहीं करता। इतिहास भी इस बात की समय-समय पर गवाहियां देता आया है। सन् 1987 से लेकर आजतक यहां से कोई बाहरी उम्मीदवार जीत नहीं पाया है और आगे भी ऐसा ही होने वाला है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि बीजेपी ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएगा, इसके लिए वे शपथ देने के लिए भी तैयार हैं। जमीर वाला कोई भी व्यक्ति भाजपा उम्मीदवार के साथ नहीं लगेगा। उन्होंने निर्णय लिया था कि अगर पार्टी यहां के किसी लोकल व्यक्ति को टिकट देती है तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अब वे पूरी तरह से स्वतंत्र है। आगामी निर्णय के लिए 7 सितंबर को पुरानी अनाज मंडी में कार्यकर्त्ताओं की बैठक बुलाई गई है। उस बैठक में कार्यकर्त्ताओं से सलाह-मशविरा करके अगला निर्णय लिया जाएगा। उनकी टिकट तो सफीदों हलके की जनता है, वे सदैव अपने कार्यकम्त्ताओं की बात मानते आए हैं और जैसा जनता कहेगी वैसा ही मैं करूंगा। इस बैठक में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावनाएं हैं क्योंकि जनता बीजेपी के इस निर्णय से बेहद दुखी है। वर्ष 2005 में भी जनता ने टिकट कटने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का आदेश दिया था और जनता ने उन्हे कांग्रेस की आंधी में भी करीब 18 हजार मतों से जिताने का कार्य किया।

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