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पिछले 5 साल में केवल मिनिमम बैलेंस ना होने के जुर्माने के तौर पर राष्ट्रीय बैंकों ने कमाए 8500 करोड़ ये 8500 करोड़ उन अमीर लोगों का जो अपने खाते में मिनिमम बैलेंस तक नही मेंटेन कर पाते

बैंकों द्वारा 5 साल में गरीब जो अपने खाते में मीनियम बैलेंस भी नही रख सकते उसके खाते से राष्ट्रीयकृत बैंकों ने जुर्माने में कमाए 8500 करोड़ रुपए

आप इसे मजाक ना समझे ये सत्य है कि गरीब जनता को और गरीब करती मोदी सरकार की नीतियां, जनता के हर चीज के लिए ऐंठे जा रहे पैसे ऐसे में बैंक क्यों पीछे रहते तो मोदी सरकार से दोस्ती का मतलब ही क्या निकलता अगर बैंक गरीब जन को निचोड़ ना पाए मोदी सरकार ने लोगो को जनधन खाते का दिया था झुनझुना अब वही झुनझुना जनता को महंगा पड़ता जा रहा है केवल विगत 5 साल में ही राष्ट्रीयकृत बैंकों की मोदी सरकार से दोस्ती का मिला तोहफा कमाया 8500 करोड़

जो मोदी सरकार गरीबों और असहाय की सरकार होने के कसीदे पढ़ती है वही मोदी सरकार दबे पांव गरीबों का पैसा अमीरों को कमाने का मौका देती है जो बेचारे अपने खाते में मिनिमम बैलेंस तक नही रख पाते थे उन्हें जन धन खाते के नाम पर पहले खाता खुलवाया बड़ी ही चालाकी के साथ उन्हें पता था ये जब सालों से खाता नहीं खिलवा पाए वो मिनिमम बैलेंस कैसे मेंटेन करेंगे और नही कर पाएंगे तो दोस्तों तुम तो कमाओगे ही....

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