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Kerala: वायनाड में भूस्खलन में पांच की मौत, सैकड़ों के फंसे होने की आशंका; बारिश के कारण रेस्क्यू में बाधा

केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की खबर है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सैकड़ों लोगों के फंसने की आशंका है। स्थानीय आपदा मोचन बल के जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। बारिश के कारण कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

राहत और बचाव अभियान में प्रशासन की सहायता करें यूडीएफ कार्यकर्ता: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, 'वायनाड में मेप्पाडी के पास बड़े पैमाने पर भूस्खलन से मैं बहुत दुखी हूं। मैंने केरल के मुख्यमंत्री और वायनाड जिला कलेक्टर से बात की है, जिन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि बचाव अभियान चल रहा है। मैंने उनसे सभी एजेंसियों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने, एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और राहत प्रयासों के लिए आवश्यक किसी भी सहायता के बारे में हमें सूचित करने का अनुरोध किया है। मैं केंद्रीय मंत्रियों से बात करूंगा और उनसे वायनाड को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का अनुरोध करूंगा। मैं सभी यूडीएफ कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव अभियान में प्रशासन की सहायता करने का आग्रह करता हूं।'

वायनाड के कुछ हिस्सों में भूस्खलन से व्यथित: पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'वायनाड के कुछ हिस्सों में भूस्खलन से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं। वर्तमान में प्रभावित सभी लोगों की सहायता के लिए बचाव अभियान चल रहा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की और वहां मौजूदा स्थिति के मद्देनजर केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।'

राहत और बचाव कार्यों में NDRF से भी मदद
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक अग्निशमन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को वायनाड और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भी वायनाड भेजी गई है। केएसडीएमए ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर मंगलवार तड़के भूस्खलन की जानकारी दी। इस पोस्ट के अनुसार, कन्नूर रक्षा सुरक्षा कोर की दो टीमों को भी राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए वायनाड जाने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने बताया कि सभी सरकारी एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में एकजुट होकर नागरिकों की मदद कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष खोला है और आपातकालीन फोन नंबर 9656938689, 8086010833 जारी किए हैं। इसके अलावा, वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर एमआई-17 और एक एएलएच सुबह साढ़े सात बजे सुलूर से उड़ान भरेंगे।

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