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भीमल क्राफ्ट बदल रहे जिंदगी....... पौड़ी जनपद के लक्ष्मण झूला के अंतर्गत किरमोला गांव की महिलाओं की..........

जी हां जहां एक और पहाड़ पलायन की ओर है वहीं दूसरी ओर भीमल आजीविका प्रदान कर रहा है वह कहते हैं ना जहां चाह है वही रहा है जब मुख्यता सभी लोग पलायन कर रहे हैं पहाड़ों से वहां पहाड़ की नारी आज भी पहाड़ की संस्कृति को बचाए रखने में अमिट योगदान दे रही है

पौड़ी जनपद के यमकेश्वर ब्लॉक के लक्ष्मण झूला क्षेत्र में किरमोला गांव भीमल के क्राफ्ट के लिए विख्यात होता जा रहा है विगत 20 वर्षों से किरमोला गांव की दीपा देवी एवं शीला देवी और उनकी समस्त सहयोगिकाएं भीमल के रेशे से विभिन्न प्रकार के क्राफ्ट बना रहे हैं क्योंकि दिखने में काफी फैंसी काफी आकर्षक और पहाड़ की संस्कृति और सभ्यता स्पष्ट तौर पर दिख रहे हैं। दीपा देवी बताती हैं. " हम विगत 20 वर्षों से भीमल के रेशे से एवं जुट से चप्पल, पायदान, टोकरी, झूमर इत्यादि बना रहे हैं यह हमारी आजीविका का एक साधन बन गया है हम भीमल के लिए गांव में जाते हैं और वहां से भीमल लेकर यह क्राफ्ट का कार्य कर रहे हैं"। आगे उनकी सहयोगी शीला देवी अवगत कराती हैं. " यह क्राफ्ट के प्रोडक्ट हम लोकल मार्केट, देहरादून एवं अन्य स्थानों तक उपलब्ध कराते हैं यह क्राफ्ट कार्य हम ऑर्डरों पर भी तैयार कर रहे हैं अनेक संस्थाओं के लिए, या हमारे जीवन में आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है"।

जो चीज लोग भूलते जा रहे हैं उनको याद दिलाना और अपने संस्कृति को बचाये रखना हमें इन महिलाओं से समझना चाहिए जो सीमित संसाधनों के बावजूद भी अपनी संस्कृति पर कार्य कर रही हैं।

शोधकर्ता पावेल कैरवान द्वारा भीमल के रेशे से बनने वाले विभिन्न उत्पादों की प्राथमिकता से लेकर अंत तक समस्त कार्य पदों की विवेचना की जा रही है शोधकर्ता पावेल कैरवान बताते हैं की " हमारी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता हमारे मूल ग्रामीण भौगोलिक अनेक प्रकार के वृक्षों एवं पौधों से ही है भीमल औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता रहा है आज भीमल से विभिन्न प्रकार के क्राफ्ट तैयार किया जा रहे हैं जो कि वाकई में काबिले तारीफ है"।

युवा वास्तुविद एवं वास्तु शास्त्री अतुल उनियाल भी किरमोला गांव की महिलाओं के इस क्राफ्ट कार्य की काफी प्रशंसा की और हमारे प्राकृतिक सभ्यता वर्धन हेतु इन महिलाओं को बधाई दी गई।

आप लोग भी भीमल के उत्पाद ऑर्डर कर सकते हैं ऑर्डर करने के लिए आप हमें atuluniyal19@gmail.com पर मेल कर सकते हैं l

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