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*रामनवमी पर रामलला का 4 मिनट तक होगा सूर्य तिलक, मस्तक पर पडेंगी 75MM गोल किरणें* *वैज्ञानिकों ने मिरर लेंथ और प



*रामनवमी पर रामलला का 4 मिनट तक होगा सूर्य तिलक, मस्तक पर पडेंगी 75MM गोल किरणें*

*वैज्ञानिकों ने मिरर लेंथ और पीतल के प्रयोग से बनाया सिस्टम*

*✍️ सुनील सिंह राठौर ब्यूरो चीफ रीवा*

*एनसीआर न्यूज़ संभाग रीवा।* प्रभु श्री रामलला का राम मंदिर बनने के बाद 17 अप्रैल को पहली रामनवमी पड़ रही है। राम नवमी का भक्तों को बेसब्री से इंतजार है। इस बार की रामनवमी अलौकिक होने वाली है क्योंकि इस दिन रामलला का सूर्य तिलक होगा। अयोध्या में बना भव्य राम मंदिर इस लिहाज से बनाया गया है कि रामनवमी के दिन रामलला का सूर्य तिलक हो सके। रामनवमी के दिन ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी जिससे उनका सूर्य तिलक होगा। वैसे तो हर कोईर ामनवमीं को अयोध्या रामलला के दर्शन करने की सोच रहा है लेकिन मंदिर ट्रस्ट ने अनुमानित भीड़ को देखते हुए लोगों से घर पर टीवी के माध्यम से रामनवमी महोत्सव देखने का अनुरोध किया है।

*वैज्ञानिकों ने बनाया अनोखा सिस्टम:-*
इस वैज्ञानिक विधि के लिए रुड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने मिस्र लेंथ और पीतल के प्रयोग से एक अनोखा ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे रामलला के मस्तिष्क पर दोपहर 12.00 बजे सूर्य की किरणें पड़ेगी।

*सूर्य की किरणों से अभिषेक के पीछे का महत्व:-*
दरअसल प्रभु श्री राम को सूर्यवंशी थे। ऐसे में जिस दौरान राम मंदिर का निर्माण हुआ उस दौरान इस बात का प्रस्ताव रखा गया कि वैज्ञानिक विधि से ऐसा प्रबंध कराया जाए जिससे रामनवमी दिन सूर्य की किरणे सीधे रामलला की मूर्ति पर ऐसे पड़े जैसे वो उनका अभिषेक कर रही हो।

*खादी के कपड़ों पर सोने-चांदी की छपाई:-*
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि इन वस्त्रों पर सोने और चांदी की छपाई होगी, जो हाथ से की गई होगी। छपाई में जो चिन्ह उपयोग में लाए गए हैं। वह सभी वैष्णव पयति से हैं। ट्रस्ट की ओर से साझा किए गए वीडियो में दिख रहा है कि कारीगर वस्त्रों में सोने और चांदों से छपाई कर रहे हैं।

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