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संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्र सरकार के MSP के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है

केंद्र सरकार (Modi Government) की तरफ से कथित रूप से MSP पर पांच साल के कॉन्ट्रेक्ट का प्रस्ताव दिया गया था. इसे खारिज करते हुए किसानों नेताओं ने कहा कि उन्हें MSP गारंटी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है. पंजाब और हरियाणा को विभाजित करने वाले शंभू बार्डर पर मुख्यतौर पर धरना देने वाले दो बड़े किसान संगठन हैं. पहला- किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का संगठन संयुक्त किसान मोर्चा. दूसरा- सरबन सिंह पंधेर किसान मजदूर मोर्चा. फिलहाल, सरकार जिन किसान संगठनों से बात कर रही है, वो अलग हैं.

रविवार को चौथे दौर की बातचीत को सरकार और किसान संगठन दोनों ने सकारात्मक बताया. इस मामले के सुलझने की राह में सबसे बड़ी बाधा MSP पर कानून बनाने की बात है, लेकिन सरकार ने हल निकालने की कोशिश के तहत किसानों को एक प्रस्ताव दिया. प्रस्ताव के अनुसार सरकार मक्का, तूर, अरहर, उड़द और कपास की फसल को MSP पर 5 साल तक खरीदेगी. NCCF और NAFED जैसे को-ऑपरेटिव सोसायटी किसानों के साथ करार करेंगी. खरीद की कोई सीमा नहीं होगी और जल्द ही एक पोर्टल तैयार होगा.

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