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प्रदेश अध्यक्ष गुजरात मनोनित, भारतीय जन नायक पार्टी, के साबिर अली कादरी का कहेना हैं

जैसा कि हम सभी देख रहे हैं कि हमारे देश के अन्नदाता किसान एक बार पुनः आंदोलन की डगर पर निकल पड़े हैं। ऐसा लगता है इस बार किसान आंदोलनकारी आर पार का मन बना कर हीं दिल्ली कुच किए हैं। हमारी सरकार किसानों की मांगों को मानने के बजाय किसान आंदोलन को बल पूर्वक दबाने का प्रयास कर रही है। आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं और लाठियां बरसाई जा रही है। संपूर्ण भारत वासियों को भोजन का प्रबंध करने वाले लोगों की बातों को अनसुनी किया जा रहा है। कृषकों को आतंकवादी और खालिस्तानी जैसे उपमाओं से अलंकृत किया जा रहा है। यदि कुछ नहीं किया जा रहा है तो वह यह है कि किसानों से उनके समस्याओं को निष्पादित करने के लिए सार्थक बातचीत नहीं हो रही है। भारतीय जननायक पार्टी गुजरात प्रदेश ने किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन करते हुए भारत सरकार को यह याद दिलाना चाहती है कि यह जनतंत्र है प्रधानमंत्री जी, और जनतांत्रिक व्यवस्था में सरकार तक अपनी बातों को पहुंचाने के लिए आंदोलन जनतंत्र की जीवंतता का सबसे बड़ा हथियार भी है। भाजपा सरकार और पुरा मंत्रीमंडल जब सत्ता में नहीं थे तो बात बात पर आंदोलन और धारना प्रदर्शन कर आज यहां तक पहुंचे हुए हैं। कानून बनाकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को रोकने का प्रयास एक संपूर्ण क्रांति को सरकारी आमंत्रण साबित हो सकता है सरकार बहादुर, माननीय प्रधानमंत्री जी, किसानों को नैतिक समाजिक एवं राजनीतिक समर्थन के आह्वान के साथ आप सभी का स्नेहाकांक्षी
देश बचाना है ! देश बनाना है !
समाज बचाना है ! संविधान बचाना है !
तो अपराधी संप्रदायवादी फ़रेबी लुटेरी देश तोड़क भाजपा को उखाड़ फेंकना है ! भूलियेगा नहीं …………..
इसने झूठे प्रचार - पाखंड से समुदाय को लड़ाया ! हिंसा की . राजद्रोही संविधान विरोधी को संरक्षण प्रोत्साहन दिया ओर सांविधानिक संस्थाओं को नष्ट कीया !
हमें न्याय , समता और संविधान पर आधारित एक ईमानदार राजनीति विकल्प चाहिए जो जन जन की आकांक्षा ओर जन - आंदोलनों - किसान - कारीगरों- मज़दूर , मछुआरे - निषाद , आदिवासी , विद्यार्थी , महिला सबके जायज आंदोलनों से निकलता हो !
जब तक हमें इस ख़तरनाक जन द्रोही राष्ट्रतोडक सता ( भाजपा) से निजात पानी है इसके स्थायी नहीं तो तात्कालिक विकल्प बनाना होगा ! अब ये नया विकल्प पूरे गुजरात में इक आँधी की तरह उभरेगा
लोहिया जी ने किया ख़ूब कहा !
“लोकतंत्र का नयुनतम तक़ाज़ा है रोटी को पलटिए नहीं हो जल जाएगी !”
साबिर अली क़ादरी

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