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कूनो नेशनल पार्क का भगोड़ा चीता ‘अग्नि’ बारां की केलवाड़ा रेंज में मिला

तीन दिन बाद कूनो नेशनल पार्क की टीम ट्रेंक्युलाइज कर वापस ले गई

कूनो से चीता निकलकर बारां जिले की सीमा में आ गया था। सुबह करीब 9 बजे इसकी सूचना मिली तो टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शाम करीब साढ़े छह बजे के आसपास कूनो की टीम चीते को ट्रेंक्युलाइज कर रवाना कर दिया था।

दीपक गुप्ता, डीएफओ, बारां

बारां/श्योपुर. मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क की सीमा से बाहर निकला नर चीता अग्नि भटकते हुए सोमवार सुबह बारां जिले की सीमा में पहुंच गया। इसकी सूचना पर कूनो नेशनल पार्क ओर बारां जिले के वन विभाग की टीम के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान जिले के केलवाड़ा वन रेंज में उसका मूमेंट मिला। मौके पर पहुंची कूनो नेशनल पार्क की 20 सदस्यीय टीम ने बारां की वन विभाग की टीम के सहयोग से चीता को ट्रेंक्युलाइज किया गया। इसके बाद नेशनल पार्क की टीम उसे वापस कूनो ले गई।

तीन दिन पहले पार्क से बाहर निकला था

चीता अग्नि कूनो नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर बीते 3 दिनों से जंगल में घूम रहा था। इस दौरान रविवार की शाम आगे निकलकर श्योपुर जिले के सूंसवाड़ा के जंगल में होता हुआ बारां जिले की सीमा में पहुंच गया था। सोमवार सुबह मप्र-राजस्थान की सीमा से 15 किलोमीटर आगे बारां वनमंडल के केलवाड़ा रेंज के जैतपुरा-माधोपुरा के जंगल में चीता की लोकेशन मिली। इसकी सूचना बारां डीएफओ दीपक गुप्ता अपने अमले के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं कूनो से भी 20 सदस्यीय टीम केलवाड़ा वन रेंज पहुंची। इसके बाद काफी मशक्कत कर चीता को ट्रेंक्युलाइज किया गया।

अग्नि बाड़े में शिफ्ट, वायु खुले में रहेगा

सूत्रों के मुताबिक 17 दिसंबर को नर चीते भाईयों वायु और अग्नि को बाड़े से पारोंद वन क्षेत्र के खुले जंगल में छोड़ा गया था। तीन दिन पहले दोनों चीते आपस में बिछड़ गए और चीता अग्नि कूनो की सीमा लांधकर बाहर निकल गया था। सोमवार को इसे बारां जिले से ट्रेंक्युलाइज कर वापस ले जाया गया। अब फिर से अग्नि को बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया है। इसका भाई वायु अभी कूनो पार्क के खुले जंगल में ही है।

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