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67 लाख रुपये की वसूली के लिए अगवा की थी 34 यात्रियों से भरी बस, आरोपियों पर लगेगा रासुका

आगरा। गुरुग्राम से चली यात्रियों से भरी बस को बुधवार की सुबह आगरा में अगवा करने वाले मास्टरमाइंड प्रदीप गुप्त को आखिरकार मुठभेड़ के बाद गुरुवार को पुलिस ने पकड़ लिया है। आगरा के SSP बबलू कुमार ने बताया है कि, 'अब तक मामले में 12 लोगों को चिह्नित किया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।' उन्होंने बताया कि, 'मामले के सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई होगी।'. 

मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया मास्टरमाइंड
मुठभेड़ के दौरान प्रदीप गुप्त को गोली लगी है और उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। थाना फतेहाबाद इलाके में चेकिंग के दौरान यह मुठभेड़ हुई। बाइक से भाग रहे प्रदीप गुप्त को पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। फिर जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से प्रदीप गुप्त जख्मी हो गया और उसे पकड़ लिया गया। 

पुलिस के साथ गुरुवार को हुई मुठभेड़ में प्रदीप गुप्त खुद तो जख्मी हो गया, जबकि उसके साथ रहा एक बदमाश मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ में एक सिपाही को भी गोली लगी है। पुलिस प्रदीप गुप्त से हॉस्पिटल में ही पूछताछ कर रही है। पुलिस के आला अफसर और क्राइम ब्रांच की टीम बदमाश से पूछताछ में जुटी हुई है, ताकि उसके बाकी साथियों को भी पकड़ा जा सके।


 67 लाख रुपये की लेनदारी के चक्कर में हुआ कांड 
आरोपी प्रदीप गुप्त ने बताया है कि, 'उसने बस अपहरण जैसा कांड 67 लाख की वसूली के लिए किया था। दरअसल कल्पना ट्रैवेल्स के मालिक अशोक अरोड़ा पर प्रदीप गुप्त की 67 लाख रुपये की लेनदारी थी। अगवा की गयी बस भी कल्पना ट्रैवेल्स की ही थी। प्रदीप गुप्त ने बताया कि, 'लेनदारी की वसूली करने के लिए उसने बस अगवा की थी। य़द्यपि, यात्रियों को दूसरी बस से उनकी मंजिल तक पहुंचा दिया गया था। उसने अपनी गलती भी मानी है।'

 इटावा में मिली थी आगरा से अगवा की गयी बस

बुधवार की शाम पुलिस ने इटावा के बलराय थाना क्षेत्र के एक ढाबे के पीछे से अगवा की गयी खाली बस बरामद की थी। बस को आगरा में 34 सवारियों समेत अगवा कर लिया गया था। अचानक हुई इस घटना ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया था। शुरुआत में कहा गया कि बस को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी किस्तों का भुगतान न होने के चलते ले गये हैं, लेकिन बाद में कहानी कुछ और ही निकली। इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड आगरा के ग्रामीण इलाके का निवासी  प्रदीप गुप्त निकला। बस मालिक और प्रदीप गुप्त के बीच लेन-देन का विवाद चल रहा था। इसी के चलते बदमाशों ने बस को अगवा किया था और पुलिस को गुमराह करने के लिए फाइनेंस कंपनी का नाटक रचा।

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