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संविधान निर्माता के जन्म पर मजदूरी के लिए भटक रहे अमेठी के मजदूर *डा भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण तक सा

संविधान निर्माता के जन्म पर मजदूरी के लिए भटक रहे अमेठी के मजदूर

*डा भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण तक सांसद,विधायक सिमटे

अमेठी। भारतीय संविधान निर्माता डा भीम राव अम्बेडकर का जन्म दिन पर सिर्फ प्रतिमा पर अमेठी भाजपा सांसद,सपा विधायक ने माल्यार्पण अर्पित किए। इसके अलाव देश के श्रमिक,मजदूर मजदूर,सफाई कर्मी के लिए कुछ सोचने का वक्त नही है। सिर्फ समर्थक बाबा साहब अमर रहे के गगन भेदी नारो से काम नही चलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने क्या किया ।सांसद,विधायक ने क्या उठाए। विधायक को सिर्फ अपने पति के जेल से छुटने की बात कही।लोकसभा मे सांसद ने सिर्फ राहुल गाँधी के खिलाफ बोली ।लेकिन श्रमिक,मजदूर,सफाई कर्मी के हक मे कब बोलेंगे। स्थानीय राम लीला मैदान अमेठी मे मजदूर श्रम करने के लिए घर से आते है। मजदूरी ना मिली तो खाली हाथ बैरंग लौट जाते है। बेबसी का आलम कैसे छूटेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रम विभाग से मजदूरो के कानून बनाये भी है। लेकिन किसी दुकान,उद्योग,फैक्ट्री पर मजदूर के अधिकारो को श्रम विभाग अमेठी ने लिखवा ही नही। पालन करना दूर की बात दूर है। निर्माण कार्य से 02 फीसदी टैक्स वसूल करने का कानून है। यह सरकार की योजनाओ से बन इमारतो से वसूली की जानी है। लेकिन ऐसा श्रम विभाग अमेठी नही कर रहा है। कल- कारखाने आबादी के समीप नही होने चाहिए। क्योंकि वायु,ध्वनि,जल,धुआं,भूमि आदि का प्रदूषण से मजदूर का स्वथ्य प्रभावित होता है। लेकिन श्रम कानून का उल्लंघन कर उद्योग,व्यापार को लाभ पहुंचा जा रहा है। उद्योग,व्यापार से जुडे लोगो से सांसद और विधायक के करीबी सम्बन्ध श्रम विभाग अमेठी को कैसे पालन करने की सीख देगे। ऐसी दागदार को कब तक धर्म जाति मजहब,द्वेष,पंथ का हवाला देकर गुमराह करते रहेंगे। श्रम कानून निर्माण के पालन क्यो नही हो रहा है। सांसद और विधायक के ईद गिर्द पैसा कमाने वाले या दल बदलू नेताओ की फौज रहती है। निष्ठावान कार्यकर्ताओ की फौज कठपुतली बनकर नाची। लेकिन काम एक अधेला नही हुआ। विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने भतीजे जन प्रतिनिधि से डेढ लाख रुपए जिला पंचायत राज अधिकारी श्री कान्त यादव ने रिश्वत मे लिये थे। जिसे वापस करवाये। सांसद की बैठक दिशा मे चर्चा हुई। लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ भी नही हुआ। विधायक और एम एल सी के द्वारा दिशा की बैठक मे अधिकारियो के फोन ना उठाने,बात ना सुनने की बाते भी हुई थी। लेकिन सांसद के दो दिनी दौरे तो बीत गए। लेकिन कोई अधिकारी जिले से टस से मस नही हुआ। क्यैकि मण्डल मे जिला अव्वल है। इसका श्रेय जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र को दिया जाए तो अतिशयोक्ति नही होगी। लेकिन श्रम और संविधान कब तक बैर रहेगा। और बैरी राज गुमराह कर करते रहेगे।

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